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Mon. Apr 15th, 2024

मालदीव और चीन के बीच हुई सीक्रेट डील, मालदीव के नागरिकों को नहीं बताई जाएंगी शर्तें और डिटेल्स 

Maldives government

Maldives / China agreement : हाल ही में चीन दौरे से लौटे मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु ने बीजिंग के साथ 20 एग्रीमेंट किए। खास बात यह है कि इन सभी एग्रीमेंट्स की शर्तें और बाकी डीटेल्स मालदीव के नागरिकों को नहीं बताई जाएंगी। यह जानकारी मालदीव की न्यूज वेबसाइट ‘अधाधु’ ने दी है।

इसी तरह की सीक्रेट डील्स पाकिस्तान ने भी चीन के साथ की थीं। खास तौर पर चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का तो पूरा प्रोजेक्ट सीक्रेट है। इसके बारे में वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) जानकारी मांग चुके हैं।

मुइज्जु के चीन दौरे पर दोनों देशों के बीच 20 एग्रीमेंट हुए। इनमें से चार सीधे तौर पर इकोनॉमी से जुड़े हैं। मालदीव की तरफ से इकोनॉमिक डेवलपमेंट मिनिस्टर मोहम्मद सईद ने इन डील्स पर सिग्नेचर किए हैं।

पिछले महीने चीन गए थे मुइज्जु

मुइज्जु को चीन समर्थक माना जाता है। नवंबर 2023 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने भारत के बजाए चीन को तवज्जो दी। पहले विदेश दौरे के लिए मुइज्जु ने भारत के बजाए चीन को चुना। जनवरी में वो बड़े डेलिगेशन के साथ बीजिंग गए।

मुइज्जु के इस दौरे पर दोनों देशों के बीच कुल 20 एग्रीमेंट्स या कहें डील्स साइन की गईं। इनमें से चार फाइनेंस मिनिस्ट्री ने किए हैं। इन पर मालदीव की तरफ से इकोनॉमिक डेवलपमेंट मिनिस्टर मोहम्मद सईद ने सिग्नेचर किए।

‘अधाधु’ न्यूज वेबसाइट ने जब इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री से जानकारी मांगी तो सरकार ने यह कहते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया कि ये सभी एग्रीमेंट्स या डील्स क्लासिफाइड हैं। आसान भाषा में कहें तो सरकार ने यह कहते हुए जानकारी नहीं दी, क्योंकि डील को सीक्रेट रखा जाना तय हुआ है।

क्या कहती है मालदीव सरकार

रिपोर्ट के मुताबिक- सरकार ने किसी भी एग्रीमेंट की जानकारी यह कहते हुए देने से इनकार कर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 31 के तहत इनकी जानकारी नहीं दी जा सकती। इसके तहत उन एग्रीमेंट्स को सीक्रेट रखा जा सकता है जो सरकार की नीतियों में रुकावट डाल सकते हैं।

मिनिस्ट्री ने वेबसाइट को भेजे जवाब में कहा- हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि किसी भी एग्रीमेंट को पब्लिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि ये आर्टिकल 31 के सेक्शन 1 और 2 के तहत आते हैं और इसलिए इन्हें पब्लिक डोमेन में नहीं लाया जा सकता।

अब वेबसाइट ने फाइनेंस मिनिस्ट्री की स्पेशल रिव्यू कमेटी के सामने अपील दायर की है। इसमें कहा गया है कि सरकार एग्रीमेंट्स को सीक्रेट रखने के फैसले पर फिर विचार करे और इनकी जानकारी जनता के सामने लाई जाए।

चीन भी नहीं देगा जानकारी

मालदीव की तरह चीन सरकार ने भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है। इन समझौतों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा- अच्छी बात है कि मालदीव के प्रेसिडेंट की चीन यात्रा के बारे में लोग जानना चाहते हैं। इस बारे में हम लिखित बयान जारी कर चुके हैं और इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।

दरअसल, न्यूज एजेंसी एएफपी ने चीन के विदेश मंत्रालय से मालदीव से हुए एग्रीमेंट्स की जानकारी मांगी थी। इस बारे में हैरान करने वाली एक और बात है। दरअसल, मुइज्जु की चीन यात्रा से पहले मालदीव के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा था कि विजिट के दौरान होने वाले समझौतों की जानकारी मीडिया के साथ शेयर की जाएगी। हालांकि, अब तक ऐसा नहीं हो सका है।

चीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के जरिए मालदीव में इंफ्रास्ट्रकचर के निर्माण में तेजी लाएगा। इनमें आवास परियोजना, फिशरी उत्पादों के कारखाने बनाना, माले और विलीमाले में सड़क विकास परियोजनाओं का विकास करना शामिल है।

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