दरोगा निर्मल का शव पहुंचा पैतृक गांव

दरोगा निर्मल का शव पहुंचा पैतृक गांव

  • छोटे बेटे द्वारा पिता किया गया अंतिम संस्कार

रिपोर्टर: दीपक कुमार सिंह


वाराणसी/लखनऊ: गुरुवार को राजधानी लखनऊ में विधानसभा गेट नंबर 7 के पास तैनात दरोगा निर्मल कुमार चौबे अपने आप को गोली मारकर मौत को गले लगा लिया.फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी पार्किंग में पहुंचे तो दरोगा निर्मल कुमार चौबे खून से लथपथ जमीन पर पड़ा मिला. उसे तुरंत सिविल अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई. दरोगा के पास से एक लाइन का सुसाइड नोट मिला था. जिस पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए दरोगा निर्मल कुमार चौबे ने लिखा था. “मुख्यमंत्री जी मैं बीमार हूं! मैं जा रहा हूं मेरे बच्चे का ख्याल रखिएगा”.

तनाव में दरोगा ने की आत्महत्या e1614884919856

दरोगा निर्मल कुमार चौबे के इस मार्मिक सुसाइड नोट ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया था. शुक्रवार की सुबह 11 बजे दरोगा निर्मल कुमार चौबे का शव पुलिस कर्मियों के द्वारा लखनऊ से सरकारी पुलिस वैन गाड़ी के द्वारा उसके पैतृक गांव वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र पलहीपट्टी गांव पर पहुंचा. जैसे ही दरोगा का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे गांव में गम का माहौल हो गया. उसके घर पर पहले से ही ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था।


आधी रात मां को बेटे की मौत की सूचना दी गई –
बता दें कि मां को हार्ट के बीमारी होने के कारण निर्मल की मौत की सूचना देर रात तक नहीं दी गई थी। लेकिन लगातार लोगों के स्वभाव में परिवर्तन देख उन्हें आभास होने लगा था कि मेरे बेटे के साथ कुछ अप्रिय घटना हुआ है। लगातार मां के द्वारा पूछा जा रहा था कि मेरा बेटा कहां है, कैसे हैं, बात कराओ जब लोगों के द्वारा बात नहीं कराया गया तो आधी रात को मां के प्यार का सब्र मानो टूट सा गया.और उन्हें आभास हो गया था कि अब मेरा बेटा इस दुनिया में नहीं है उसके बाद माहौल को देखते हुए परिजनो के द्वारा मां को मौत की सूचना आधी रात को दी गई. निर्मल के पिता स्वर्गीय देवी चरण चौबे की मृत्यु हार्ट फेल होने के कारण हुआ था।


छोटा लड़का सर्वेश ने दिया मुखाग्नि-
निर्मल के मौत की सूचना मिलने के बाद उसके तीनों भाई गांव पहुंचे. ग्रामीणों व परिजनों के साथ दोनों बेटो ने पिता की अंतिम यात्रा में शामिल हुए. वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर छोटे बेटे सर्वेश ने पिता को मुखाग्नि दिया।


दो साल पहले बड़े बेटे का किया था शादी –
दरोगा निर्मल कुमार चौबे के ने बड़े बेटे विकास चौबे की शादी 2 वर्ष पहले किया था.और छोटे लड़के के शादी के लिए रिश्ता आना शुरू हो गया था।


रामलीला में लक्ष्मण का पाठ करता था निर्मल
दरोगा निर्मल चौबे के गांव वाले ने बताया कि निर्मल बहुत ही मृदुभाषी व सरल स्वभाव अध्यात्म से जुड़ा हुआ था. ग्राम सभा में होने वाला रामलीला पाठ में लक्ष्मण का पाठ किया करता था.साथ ही खेलकूद, कुश्ती का भी शौकीन था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *