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Mon. Apr 15th, 2024

Tata Group: टाटा ग्रुप में होगा बड़ा डीमर्जर? शुरू हुई चर्चा

Tata Group Stocks: बैटरी यूनिट Agratas ऑटो और एनर्जी सेक्टर के लिए बैटरी का डिजाइन करती है और उनका निर्माण करती है. कंपनी की फैक्ट्री भारत और यूके में है. टाटा मोटर्स और जेएलआर कंपनी के मुख्य ग्राहक हैं

टाटा ग्रुप अपने बैटरी कारोबार को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने की योजना बना रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रुप बैटरी कारोबार को अलग करने के विचार पर चर्चा कर रहा है. ग्रुप फिलहाल रीन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में अपना विस्तार करने पर फोकस कर रहा है. बैटरी कारोबार को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने का कदम इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. इसके साथ ही ईवी कारोबार को अलग करने की भी चर्चा शुरुआती दौर में है.

टाटा ग्रुप अपने बैटरी कारोबार को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने की योजना बना रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रुप बैटरी कारोबार को अलग करने के विचार पर चर्चा कर रहा है. ग्रुप फिलहाल रीन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में अपना विस्तार करने पर फोकस कर रहा है. बैटरी कारोबार को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने का कदम इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. इसके साथ ही ईवी कारोबार को अलग करने की भी चर्चा शुरुआती दौर में है.

क्या है खबर

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार टाटा ग्रुप Agratas Energy Storage Solutions को एक स्वतंत्र इकाई में बदलने की शुरुआती चर्चा में हैं.  सूत्र के मुताबिक इससे बैटरी कारोबार को फंड जुटाने में और आगे जाकर बाजार में लिस्ट होने में मदद मिलेगी. सूत्र के मुताबिक मार्केट सेंटीमेंट्स के आधार पर और ग्रोथ को देखते हुए बैटरी कारोबार की लिस्टिंग पर वैल्यू 5 से 10 अरब डॉलर के बीच हो सकती है. फिलहाल इस मामले में टाटा ग्रुप की तरफ से कोई प्रति क्रिया नहीं आई है. बैटरी यूनिट Agratas ऑटो और एनर्जी सेक्टर के लिए बैटरी का डिजाइन करती है और उनका निर्माण करती है. कंपनी की फैक्ट्री भारत और यूके में है. टाटा मोटर्स और जेएलआर कंपनी के मुख्य ग्राहक हैं.

एसयूवी और ईवी में अपनी मजबूत पोजीशन की वजह से टाटा मोटर्स पिछले महीने भारत की सबसे वैल्यूबल कार कंपनी बनी थी.

जनवरी में ही ब्लूमबर्ग ने खबर दी थी कि Agratas बैंकों के साथ 50 करोड़ डॉलर का ग्रीन लोन पाने के लिए बातचीत कर रहा है. इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी फैक्ट्री को डेवलप करने में करेगी.

ईवी कारोबार को भी अलग करने की योजना

सूत्रों के मुताबिक इसके साथ ही टाटा मोटर्स अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार को भी अलग करने की संभावनाए तलाश रही है क्योंकि इसके कुछ मौजूदा निवेशक कंपनी से निकलना चाह रहे हैं. सूत्र के मुताबिक आगे जाकर ईवी कारोबार भी अलग कंपनी के रूप में लिस्ट होगा. हालांकि सूत्रों ने साफ किया की ये सभी चर्चा शुरुआती चरण में है और ग्रुप कारोबार को अलग करने के फैसले से पीछे भी हट सकता है.

(डिस्क्लेमर: उपर दी गई सलाहें या विचार एक्सपर्ट, ब्रोकरेज फर्म  के अपने निजी विचार हैं, वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके प्रति जिम्मेदार नहीं है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड एक्सपर्ट से राय जरूर लें.)

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