वाराणसी। करौंदी–सुंदरपुर मार्ग स्थित एक सभागार में उत्तराखंड के प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु पूज्य सदगुरु सतपाल महाराज के चरण स्थल पर भव्य पूजा, सत्संग एवं महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गुरु महाराज के भक्त दीनानाथ सेठ एवं शिव कुमारी ने किया।
सत्संग कार्यक्रम में महात्मा सार्थानंद महाराज, सुजाता बाई जी एवं महादेवी बाई जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लेकर आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण किया।
इस अवसर पर दीनानाथ सेठ ने बताया कि मानव कल्याण के लिए विश्वविख्यात पूज्य सदगुरु सतपाल महाराज एवं माता अमृता माता जी के चरण इस स्थल पर पड़े थे। उसी पावन स्मृति के उपलक्ष्य में सत्संग एवं महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से संबंध रखने वाले सतपाल महाराज के सत्संग एवं आध्यात्मिक संदेश मुख्य रूप से मानव धर्म, आत्मज्ञान और सेवा भावना पर आधारित हैं। वे मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक हैं और अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज में सद्भावना, शांति एवं आध्यात्मिक जागृति का संदेश देते रहे हैं।
कार्यक्रम में गोपीनाथ सेठ, सूरज कुमार सेठ, यश सेठ सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सत्संग के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया।

