सरकारी नौकरी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा

सरकारी नौकरी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा

  • गैंग सरगना सहित 04 अभियुक्तों को एसटीएफ उ0प्र0 ने किया गिरफ्तार।
  • महेश पाण्डेय ब्यूरो चीफ

वाराणसी: आज एसटीएफ,उ0प्र0 को सरकारी नौकरी में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा कर गैंग सरगना सहित 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में उल्लेखऩीय सफलता प्राप्त हुई है।

सरकारी नौकरी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः-
1-रामानुज भारद्वाज उर्फ सुरेश पुत्र सुरेन्द्रनाथ, निवासी खरगीपुर, थाना चौबेपुर जनपद वाराणसी।
2-अजय कुमार गौतम पुत्र लक्ष्मण कुमार, निवासी उन्दी, थाना शिवपुर, जनपद वाराणसी।
3-अनिल भारती पुत्र दल्लू राम, निवासी भौनी उन्दी, थाना शिवपुर, जनपद वाराणसी।
4-विश्वेश मिश्रा पुत्र गंगाधर मिश्रा, निवासी- ए करौंदी, थाना लंका, जनपद वाराणसी।

विगत कुछ दिनों से वाराणसी़ एवं इसके आस-पास के जनपदों में सचिवालय, बीएचयू, रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक गिरोह के सक्रिय होने की इनपुट ’मिलिट्री इन्टेलीजेन्स’ वाराणसी द्वारा प्राप्त हुई। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की वाराणसी यूनिट को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त क्रम में वाराणसी एसटीएफ इकाई द्वारा अभिसूचना संकलन एवं छानबीन की कार्यवाही प्रारम्भ की गई।

अभिसूचना संकलन के दौरान आज सूत्रों के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि रेलवे विभाग एवं लखनऊ सचिवालय एवं बीएचयू वाराणसी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का सरगना रामानुज भारद्वाज उर्फ सुरेश अपने गैंग के साथियों के साथ थाना सारनाथ रिंगरोड पर सिंहपुर चौराहे के पास खड़ा है और कुछ लड़को को सरकारी नौकरी में भर्ती के नाम पर ठगी करने के लिये उन्हें बुलाया है। उक्त सूचना पर निरीक्षक श्री अनिल सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ वाराणसी की टीम द्वारा उक्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी करते हुये उपरोक्त बरामदगी की गयी।

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ एवं अभिसूचना संकलन से पाया गया गया कि इनका एक संगठित गिरोह है और यह वर्ष 2017 से सक्रिय हैं। ये लोग इण्टरनेट पर सरकारी नौकरी की वेबसाइट चेक किया करते थे। इसके उपरान्त इन लोगों द्वारा वाराणसी के थाना लंका क्षेत्रान्तर्गत सुन्दरपुर स्थित मैटिक्स कम्प्यूटर के मालिक विश्वेश मिश्रा से सम्पर्क किया गया और उसे पैसा का लालच देकर बीएचयू की फर्जी वेबसाइट rac3.org.in और उ0प्र0 शासन के सचिवालय की फर्जी वेबसाइट sachivalaya.org.in बनवायी गयी। इसके उपरान्त इन लोगों द्वारा यह पता लगाया जाता था कि किस-किस सरकारी विभाग में भर्तियां निकली है।

भर्तियों का विज्ञापन निकलने के उपरान्त इन लोगों द्वारा विज्ञापन का स्क्रीनशाॅट लेकर इच्छुक अभ्यथियों को व्हाट्सअप पर भेजकर फार्म भरने के लिये कहा जाता था। अभ्यर्थियों द्वारा संबंधित विभाग के विज्ञापन के अनुसार फार्म भरा जाता था। इसके उपरान्त इन्हें भर्ती करवा देने का झांसा देकर इनसे 05-05 लाख रूपये की माॅंग करते थे और एडवान्स के रूप में कुछ पैसा मिलने के उपरान्त अभ्यर्थियों को पूर्व से तैयार की गयी फर्जी वेबसाइट उपलब्ध कराते हुये अभ्यर्थियों को बताया जाता था कि भर्ती का रिजल्ट वेबसाइट पर घोषित कर दिया गया है, आप लोग अपना-अपना नाम देख लीजिये।

वेबसाइट पर नाम देखने के उपरान्त अभ्यर्थियों द्वारा विश्वास करने के उपरान्त शेष पैसा इन्हें दे दिया जाता था। अभ्यर्थियों द्वारा कुछ दिनों के उपरान्त नियुक्ति पत्र के बारे में पूछने पर इन लोगों द्वारा कूटरचित नियुक्ति पत्र तैयार कर रजिस्टर्ड पोस्ट से भेज दिया जाता था। पूछतांछ में इन लोगों द्वारा यह भी बताया गया कि अबतक इन लोगों द्वारा लगभग 50-60 लोगों के साथ इस प्रकार से ठगी कर चुके हैं। उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध जनपद वाराणसी के थाना सारनाथ में अभियोग पंजीकृत कराया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

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