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झारखंड में बढी राष्ट्रपति शासन की संभावनाएं,जानें राज्यपाल का क्या हैं रुख? 

Hemant Soren arrest: झारखंड में जारी सियासी उठापटक के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा बुधवार को ही नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की शपथ करवाने की जिद पर अड़े थी लेकिन राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने इसकी इजाजत नहीं दी. ऐसे में अब चर्चा है कि क्या राज्य में संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है.

हेमंत सोरेन के इस्तीफा देने के बाद चंपई सोरेन को झारखंड के अगले सीएम के तौर पर चुन लिया गया है. सूबे में जारी सियासी उठापटक के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा बुधवार को ही नए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की शपथ करवाने की जिद पर अड़े थी लेकिन राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने इसकी इजाजत नहीं दी. ऐसे में अब चर्चा है कि क्या राज्य में संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है.

हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अभी भी कार्यवाहक सीएम बने हुए है, जब तक नये सीएम चंपई सोरेन का शपथ ग्रहण नहीं हो जाता. ऐसे में अब राज्यपाल के पाले में गेंद है कि वो नए मुख्यमंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ कब दिलाते है. 

जानें राज्यपाल का क्या हैं रुख? 

राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने हाल में ही बड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा था कि संविधान के रक्षक के रूप में मैं पूरी स्थिति नजर बनाए हुए हूं. ये राज्यपाल का काम है, मैं वही कर रहा हूं. अगर जरूरत पड़ी तो मैं सीमा लांघूंगा. राज्यपाल के इसी बयान के बाद से सीएम की गिरफ्तारी के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावनाएं बढ़ गई है.

झारखंड के 81 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 41 सीटों की जरूरत है. कांग्रेस और JMM गठबंधन के पास 49 विधायकों का बहुमत है. इसी आधार पर चंपई सोरेन ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया है. ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि राज्यपाल नये CM को कब शपथ के लिए बुलाते है. 

जानें कौन हैं झारखंड के नए CM चंपई सोरेन? 

हेमंत सोरेन के इस्तीफा के बाद चंपई सोरेन को गठबंधन की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया. चंपई सोरेन हेमंत सोरेन सरकार में परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. चंपई सोरेन ने 90 के दशक के अंत में शिबू सोरेन के साथ झारखंड आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और जल्द ही उन्हें ‘झारखंड टाइगर’ के रूप में प्रसिद्धि मिल गई.

चंपई सोरेन ने सरायकेला सीट पर उपचुनाव के जरिए निर्दलीय विधायक बनकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. चंपई सोरेन को अर्जुन मुंडा सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर काम किया. सितंबर 2010 से जनवरी 2013अवधि के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी, श्रम और आवास मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. वहीं जुलाई 2013 से दिसंबर 2014 तक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, परिवहन कैबिनेट मंत्री रहे. 2014 में तीसरी बार तो 2019 में चौथी बार विधायक चुने गए.  

हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में दायर की रिट पिटीशन 

राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को इस्तीफा सौंपने के कुछ घंटों बाद हेमंत सोरेन को ईडी ने भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के खिलाफ हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर की है. इस याचिका पर हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच सुबह साढ़े 10 बजे सुनवाई करेगी. 

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