शी ए मूवमेंट फाउंडेशन के पर्यावरणविदों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पौधारोपण किया गया

शी ए मूवमेंट फाउंडेशन के पर्यावरणविदों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पौधारोपण किया गया

संवाददाता रन्धा सिंह

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर-अंतरराष्ट्रीय वानिकी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय गैर सरकारी संस्था ‘शी’ ए मूवमेंट फाउंडेशन के पर्यावरणविदों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पौधारोपण किया गया।इस अवसर पर बीएचयू से आए युवा पर्यावरणविद् विजय कुमार ने आज के दिन के महत्व को समझाते हुए बताया कि आज पूरे विश्व में जंगलों की कटाई बड़ी तेजी से मनुष्य अपने व्यक्तिगत हित के लिए कर रहा है। लेकिन मनुष्यों को नहीं भूलना चाहिए कि ये जंगल ही हमारे जीवन को बचाए हुए हैं।

आज पर्यावरण में बहुत ज्यादा मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड और ग्रीन हाउस गैस जैसे जहर घुलते जा रहे हैं। अब तक विश्व में इस पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए कोई भी मशीन इजाद नहीं की जा सकी है। और जहां है भी वह व्यवस्था बहुत ही महंगी और कम प्रभावी है। ऐसे में हम अपने पर्यावरण को बचाने के लिए पर्यावरण के ही शरण में जा सकते हैं। ये पेड़ अपने अन्दर भारी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड और ग्रीन हाउस गैस को अवशोषित करने की क्षमता रखते हैं। ये हमें ऑक्सीजन देते हैं लेकिन इस जीव जगत से कार्बन डाई ऑक्साइड का अवशोषण करते हैं।

आगे उन्होंने कहा कि आज जंगल आच्छादित स्थान कम होने के कारण कार्बन डाई ऑक्साइड हमारे वातावरण में इकट्ठा हो जा रहा है जिससे पृथ्वी का आन्तरिक आवरण भी लगातार गर्म होता जा रहा है और इसका असर ही है कि ग्लेशियर अचानक से टूट रहे हैं। जिससे हृदयविदारक घटनाएं सामने आ रही हैं। जलवायु परिवर्तन से बचने का एकमात्र उपाय ये पेड़-पौधे ही हैं जिन्हें लगाकर हम अपने आने वाली पीढ़ी को भी एक सुन्दर और सुरक्षित भविष्य दे पाएंगे। साथ ही अपनी पृथ्वी को भी बचा पाएंगे। वरना इस गर्मी लोग जहां छांव खोजते फिरेंगे वहीं उत्तर भारत में भी चेन्नई, बंगलुरू और महाराष्ट्र के विदर्भ जैसे हालात पैदा हो जाएंगे जहां जमीन के नीचे पानी बिल्कुल खत्म हो चुका है।

संस्था महासचिव सिद्धार्थ ने बताया कि आज जरूरत है कि हम पर्यावरण के मुद्दे पर बात करें और अपनी जानकारी को बढ़ाते हुए बचाव के कदम उठाएं।उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में पेड़ कटान पर एक सुनवाई के दौरान एक आंकड़ा पेश किया गया जिसमें बताया गया कि एक वयस्क पेड़ से हमें एक साल में लगभग 75 हजार रुपयों का लाभ प्रदान करते हैं। तो ऐसे में हमे विचार करना चाहिए प्रत्येक नागरिक को एक पेड़ उसके उम्र में कितना लाभ दे चुका है और अभी आने वाली पीढ़ी को भी देगा। साथ ही उन्होंने बताया कि हमारी संस्था पर्यावरण जागरूकता के लिए युद्ध रणनीति सरीखे कदम उठाएगी जिससे हमारी पृथ्वी और मानवता दोनों को बचाया जा सके और पेरिस जलवायु समझौता 2016 के टारगेट को एसडीजी-2030 तक पूरा करने में मदद कर सके।

इस मौके पर पर्यावरणविद् व कार्यकर्ताओं द्वारा रामजानकी मंदिर, अलीनगर, विकास खंड नियामताबाद कार्यालय परिसर, अलीनगर थाना परिसर आदि स्थानों पर अर्जुन, तंजीर और अशोक के पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान विजय कुमार यादव, महिला थाना पुलिसकर्मी मधु श्रीवास्तव, राकेश पटेल, ऋषभ कुमार, शिव कुमार, अजय कुमार, सन्नी कुमार, कृष्णानन्द आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

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