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फोन टेप करना सबसे बड़ा अपराध: अशोक गहलोत

Ashok Gehlot

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा केंद्र के दबाव में काम कर रहीं जांच एजेंसियां

  • वरिष्ठ पत्रकार रामस्वरूप रावतसरे

जयपुरः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा, लोकतंत्र में टोलरेंस पावर होना बहुत जरूरी है। दिल्ली में आज जो सरकार है उसमें ऐसा नहीं है। केंद्र सरकार का ईडी, सीबीआई , आयकर और ज्यूडिशरी पर दबाव है। लोगों में डर है, उनके फोन टेप हो रहे हैं। पेगासस तो अब आया है, हम तो पिछले पांच साल से यह कह रहे हैं। किसी का फोन टेप करना लोकतंत्र में अपराध है। इसकी सच्चाई भी सामने आएगी।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 15 नए पुलिस थानों के लोकार्पण और शिलान्यास के वर्चुअल समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर भारतीय जनता पार्टी वाले आरोप लगाते हैं। भाजपा के आरोपों में कोई दम नहीं है। एनसीआरबी ने अपनी रिपोर्ट में शुरूआत में ही लिखा है कि अपराध समाज में मौजूद परिस्थितियों का परिणाम है। विभिन्न राज्यों में प्रचलित नीतियों का भी इस पर फर्क पड़ता है। अपराध में वृद्धि और अपराध पंजीकरण में बढ़ोतरी में अंतर है। एनसीआरबी ने लिखा है, कुछ लोग दोनों को एक मानने की गलती कर लेते हैं ।

इस दौरान सीएम गहलोत ने पुलिस को सुझाव देते देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सिफारिश तो आएंगी, लेकिन सिफारिश उसकी मानो जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिले। अगर पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिलेगा तो आप ड्यूटी पूरी नहीं कर रहे हैं। पुलिस अफसर अपराधी के पक्ष में सिफारिश को नहीं मानें। इससे हमारी कमजोरी साबित होगी। प्रदेश में क्राइम को कंट्रोल रखें ।

सीएम गहलोत ने कहा कि सरकारों पर आरोप लगते रहते हैं, लेकिन सच्चाई तो सच्चाई ही होती है। फरियादी को न्याय मिले। गुंडों माफियाओं से बचाव हो, यह ध्यान रखना चाहिए। प्रदेश में 2020 में महिला अत्याचारों में 16 फीसदी की कमी आई है। भाजपा राज में वर्ष 2017 -18 में 30 फीसदी महिलाओं को रेप के मामले दर्ज करने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता था, थानों में सुनवाई होती नहीं थी। यह आंकड़ा अब 15 फीसदी पर आ गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शिकायतों का जिलों में ही निपटारा हो जाए। जयुपर तक शिकायत नहीं आए। जिले से बाहर शिकायत जाती है तो समझिए एसपी के सिस्टम में खामी है। इस पर ध्यान देना चाहिए कि किन कारणों से फरियादी सीएमओ या पीएचक्यू में आती है ? कोई व्यक्ति शिकायत के लिए जिले से बाहर जाने के लिए मजबूर न हो ये आपकी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि रेप के मामलों में जब तक समाज का नजरिया नहीं बदलता, तब तक अकेली पुलिस कुछ नहीं कर सकती। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में 47 फीसदी एफआईआर झूठी पाई गई। 2020 में पोक्सो एक्ट में दर्ज 23 फीसदी मामले और 2021 में 20 फीसदी मामले झूठे पाए गए। झूठे केस की वजह से कई बार असली पीड़तों को भी उसी नजरिए से देखा जाने लगता है।

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