किसान आंदोलन खड़ा करने सफल नेतृत्व करने वाले मात्र एक स्वामी सहजानन्द सरस्वती

किसान आंदोलन खड़ा करने सफल नेतृत्व करने वाले मात्र एक स्वामी सहजानन्द सरस्वती

रिपोर्टर प्रदीप दुबे

गाजीपुर: दुल्लहपुर गाजीपुर दण्डी स्वामी सहजानन्द सरस्वती के जयंती पर पैतृक गांव देवा में 12बजे वाराणसी राजगुरु मठ के मठाधीश दण्डी स्वामी अनन्ता नन्द महाराज अनुयायियों के साथ पहुँचे । सर्वप्रथम स्वामी सहजानन्द सरस्वती के प्रतिमा पर विधि विधान से जलाभिषेक कर पूजन अर्चन कर बस्त्र धारण कराए।

उसके बाद धर्म की जय हो ,अधर्म की नाश हो,प्राणियों में सद्भावना हो ,विश्व का कल्याण हो कि जयकारे से गुजा महफिल। स्वामी अनन्ता नन्द महाराज ने लोगो को सम्बोधित करते हुए हम धन्य है जी सहजानन्द सरस्वती जैसे महापुरुष मील।

अगर मानव इनके बताएं हुए मार्ग अपनाता है तो राजगुरु कहलायेगा।अगर सहजानन्द के क्रांतिकारी आंदोलन मे जाएंगे तो नेता कहलायेंगे। सहजानन्द अंग्रेजी हूकूमतो को नेस्तनाबूद करने और किसानों को खुशहाल करने में कोई कोर कसर नही छोड़े। अब हम चाहेंगे कि वाराणसी से सबसे नजदीक सहजानन्द का पैतृक गांव किसी तीर्थ से कम नही है।

अभी बीहटा मे भव्य आश्रम स्वामी जी के नाम बन रही है। अगर इतिहास में देखा जाय तो संगठित किसान आंदोलन खड़ा करने और उसका सफल नेतृत्व करने वाले मात्र एक स्वामी सहजानन्द सरस्वती को जाता है। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने किसानों को ज़मीदारो के शोषण और आतंक से मुक्त कराने का अभियान जारी रखा। उनकी बढ़ती सक्रियता से घबराकर अंग्रेजों ने उन्हें जेल में डाल दिया था।

इसके बाद दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के बाहर बने सहजानन्द सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण किए। इस मौके पर वाराणसी के आचार्य गोविन्द जी, वीरभद्र सिंह राय, संजय राय, पारस राय, आशीष राय, रविन्द्र राय, बैजनाथ राम, श्रीनिवास राय, शारदा नन्द राय, शमसाद अंसारी, बोधा जायसवाल, ओमप्रकाश चौरसिया, बिनोद राजभर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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