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गजब ! इंसानी दिमाग में फिट की गई न्यूरालिंक की वायरलैस ब्रेन चिप, जाने कैसे काम करेगी यह टेक्नोलॉजी

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Neuralink News: एलन मस्क ने साल 2016 में अपनी न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी की शुरुआत की थी. इस कंपनी का मकसद ब्रेन और कंप्यूटर के बीच डायरेक्ट चैनल स्थापित करना था.

एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है. मंगलवार को मस्क ने जानकारी दी कि उनके स्टार्टअप न्यूरालिंक की ब्रेन चिप को पहली बार किसी इंसानी दिमाग के अंदर इंप्लांट कर दिया गया है. मस्क ने कहा कि इस इंप्लांट के बाद उन्हें आशाजनक शुरुआती नतीजों के आने की उम्मीद है. मस्क ने साल 2016 में अपनी इस न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी की शुरुआत की थी. इस कंपनी का मकसद ब्रेन और कंप्यूटर के बीच डायरेक्ट चैनल स्थापित करना था.

मस्क ने मानव की क्षमताओं को सुपरचार्ज करने, ALS या पार्किसंस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज करने के लिए इस न्यूरालिंक स्टार्टअप की शुरुआत की थी. इसका मकसद इंसानी दिमाग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच का एक संबंध स्थापित करना था.

एलन मस्क ने आज X सोशल प्लेटफॉर्म (पूर्व में टि्वटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि “न्यूरालिंक इंप्लांट वाला पहला शख्स अब बेहतर रिकवरी कर रहा है. शुरुआती परिणाम आशाजनक न्यूरॉन स्पाइक का पता लगाते हैं.” बीते साल 2023 में ही मस्क के स्टार्टअप ने इंसानी दिमाग में चिप इंप्लांट करने के अमेरिकी रेगुलेटर्स अप्रूवल को हासिल किया था.

कैसे काम करेगी टेक्नोलॉजी

न्यूरालिंक टेक्नोलॉजी “लिंक” नामक इंप्लांट के जरिए काम करेगी. पांच सिक्कों (कॉइन) के आकार की एक चिप सर्जरी के जरिए इंसान के दिमाग में फिट की जाएगी. डेटा कंपनी पिचबुक के मुताबिक, बीते साल कैलिफॉर्निया आधारित कंपनी न्यूरालिंक के पास 400 से ज्यादा कमर्चारी हैं. इसके साथ कंपनी ने करीब 36.3 करोड़ डॉलर की फंडिंग भी हासिल की है. अक्सर सुर्खियां बटोरने वाले एलन मस्क इस सेक्टर में आगे बढ़ने वाले अकेले नहीं है. इस फील्ड को ब्रेन मशीन या ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस रिसर्च कहा जाता है.

ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि देरी से परेशान होकर, किसी टाइकून ने संभावित निवेश के बारे में इम्प्लांट डेवलपर सिंक्रोन के साथ जुड़ने के लिए कथित तौर पर संपर्क किया था. न्यूरालिंक के लिंक के विपरीत, इसके इंप्लांट वर्जन को स्थापित करने के लिए इंसानी खोपड़ी को काटने की जरूरत नहीं पड़ती है. ऑस्ट्रेलिया में स्थित सिंक्रोन, अपना पहला डिवाइस जुलाई 2022 में एक अमेरिकी के अंदर इंप्लांट कर चुकी है.

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