संगीतकार श्रवण कुमार राठौर ने दुनिया को कहा अलविदा

संगीतकार श्रवण कुमार राठौर ने दुनिया को कहा अलविदा

मुंबई: नब्बे के दशक की मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के श्रवण कुमार राठौर अब इस दुनिया मे नही रहे। उन्हें गंभीर हालत में मुंबई के रहेजा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। 67 साल के संगीतकार श्रवण को कुछ दिनों पहले कोविड-19 का टेस्ट पॉजिटिव आया था। श्रवण राठौर के दो बेटे संजीव-दर्शन भी म्यूजिक कंपोजर हैं। श्रवण राठौर रूपकुमार राठौर और विनोद राठौर के भाई थे।

nadeem shravan

गौरतलब है कि 1990 में राहुल रॉय स्टारर आशिकी से नदीम-श्रवण की जोड़ी को फेम मिला था। उस वक्त इस एल्बम की करीब 2 करोड़ कैसेट बिकी थी। नदीम अख्तर सैफ़ी और श्रवण कुमार राठौर की जोड़ी 1973 में एक समारोह में मिलने के बाद बनी थी।

फ़िल्म आशिकी के बाद नदीम-श्रवण की जोड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखाl उन्होंने साजन, फूल और कांटे, सड़क, दीवाना, दिल का क्या कसूर, हम हैं राही प्यार के, रंग, दिलवाले, बरसात, राजा हिंदुस्तानी, परदेसी, कसूर, राज, अंदाज़ और बेवफा जैसी कई फिल्मों के गाने कम्पोज़ किए। नदीम श्रवण ने बॉलीवुड के कई गायकों के साथ भी काम किया हैl इनमें कुमार सानू अलका याग्निक, उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल, कविता कृष्णमूर्ति, जस्पिंदर नरूला जैसे नाम शामिल हैl

2000 के दशक में दोनों ने ये दिल आशिकाना, राज, कयामत, दिल है तुम्हारा, बेवफा और बरसात जैसी कई फिल्मों के लिए संगीत दिया। नदीम के यूके में रहने के बावजूद श्रवण ने लंबे समय तक नदीम श्रवण के नाम से संगीत बनाया। लेकिन 2005 में आई फ़िल्म दोस्ती फेंड्स फॉरएवर के बाद यह जोड़ी टूट गई।

नदीम श्रवण हर तरह का संगीत कम्पोज़ करना जानते थे, चाहे वो रोमांटिक गाने हो, फास्ट ट्रैक हो, इमोशनल या फिर आइटम गीत हो। लेकिन उनकी पहचान मेलोडी थी. उनकी अधिकतर धुन फिल्मी गजल टाइप की होती थी। सुभाष घई की फिल्म परदेस में कई अलग-अलग तरह के गाने उन्होंने बनाए थे। सभी ने इसे नदीम श्रवण का सबसे बेस्ट एल्बम बताया.

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