मुकेश खन्ना ने अपने बड़े भाई स्वर्गिय सतीश खन्ना को श्रद्धांजलि पेश की

मुकेश खन्ना ने अपने बड़े भाई स्वर्गिय सतीश खन्ना को श्रद्धांजलि पेश की

मुंबई। इंडियन स्काउट एंड गाइड फैलोशिप के पूर्व अध्यक्ष, सतीश खन्ना जो 12 साल की उम्र से एक स्काउट थे और टीवी व बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना के बड़े भाई थे, हाल ही में कोरोनो वायरस से रिकवर हुए। लेकिन एक हफ्ते बाद, सतीश खन्ना का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्होंने वैक्सीन की पहली खुराक ली थी और उनकी उम्र 84 वर्ष थी।

उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च सम्मान, सिल्वर एलिफैंट से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय फैलोशिप के एशिया-पेसिफिक सदस्य देशों से कई प्रशंसा और मान्यता प्राप्त की। वह दो बार इसके अध्यक्ष चुने गए।

सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, पूर्व राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि सतीश खन्ना देश के विभिन्न राज्यों और रेलवे क्षेत्रों में वयस्कों के बीच भारतीय फैलोशिप का विस्तार करने में सहायक थे। उन्होंने 1999 में अंतर्राष्ट्रीय संगठन के 19 वें विश्व सम्मेलन के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें दुनिया के 50 देशों के लगभग 500 सदस्यों ने भाग लिया।

महाराष्ट्र राज्य फैलोशिप के अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल ने कहा कि सतीश खन्ना ने 1960 के बाद से अपनी घरेलू यूनिट्स, ग्रेटर मुंबई और महाराष्ट्र राज्य फैलोशिप का पोषण किया और समाज की सेवा करने के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया, जिसमें सुनामी, उड़ीसा सुपर साइक्लोन, भुज भूकंप, उत्तराखंड में बाढ़ और केरल में हाल ही में आई बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में हजारों पीड़ितों को जरूरी सामान प्रदान करना शामिल था।

ग्रेटर मुंबई इकाई की युवा अध्यक्ष चंचला मिस्त्री ने कहा, “हमने स्काउटिंग और गाइडिंग को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में कई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अपने संरक्षक और समर्थक को खो दिया है।”

मुकेश खन्ना ने कहा, “हालांकि सतीश भाई 84 वर्ष के थे, वह एक बेहतरीन टेनिस खिलाड़ी थे और उन्होंने विभिन्न वरिष्ठ नागरिक टेनिस प्रतियोगिताओं में भाग लिया। सतीश भाई ने मुझे फेलोशिप और स्काउट मूवमेंट के करीब लाया। मुझे भारतीय फैलोशिप के ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त होने का सम्मान हासिल था। मैंने हमेशा महसूस किया कि शक्तिमान एक स्काउट है।”

गौरतलब है कि सतीश खन्ना मारवाड़ी उच्च विद्यालय के छात्र और स्काउट थे, जो मैनचेस्टर विश्वविद्यालय से टेक्सटाइल टेक्नॉलिजी में पोस्ट ग्रेजुएट थे और टेक्सटाइल से सम्बंधित विभिन्न रिसर्च परियोजनाओं पर यूके और यूएसए में काम किया था।

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