खनन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ढांचागत सुधार किये: मंत्री प्रह्लाद जोशी

खनन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ढांचागत सुधार किये: मंत्री प्रह्लाद जोशी

नयी दिल्ली, 11 अगस्त: केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने अन्वेषण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ खनन क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ढांचागत सुधार किये हैं।

मंत्री प्रह्लाद ने ‘भारतीय खनन उद्योग: आत्मनिर्भर भारत में योगदान’ के विषय पर आज आयोजित वेबिनार में कहा कि घरेलू आपूर्ति और निर्यात के लिए खनिजों के अन्वेषण और उसके उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ इस क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कई ढांचागत सुधार किये गये हैं। उन्होंने कहा कि देश में खनिज अन्वेषण और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निर्बाध मिश्रित अन्वेषण-खनन-उत्पादन व्यवस्था शुरू की गयी है। इस तरह के कदम से देश के सकल घरेलू उत्पादन में खनन क्षेत्र का योगदान बढ़ेगा और आयात पर इस क्षेत्र की निर्भरता कम होगी।

उन्होंने कहा कि कैप्टिव खनन (अंतिम उपभोक्ता) और गैर कैप्टिव खनन की लीज के बीच का अंतर हटाने से अब खनन की लीज का हस्तांतरण संभव हो गया है और साथ ही अतिरिक्त (सरप्लस) खनिजों की बिक्री भी संभव हो पायी है जिससे इस क्षेत्र की क्षमता और उत्पादन बढ़ेगा। इससे उद्योगों की कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी और साथ ही हितधारकों के लिए नये अवसरों का सृजन होगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र का आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से कई कदम उठाये गये हैं, जिनमें से एक है स्टाम्प ड्यूटी को तर्कसंगत बनाना। अब खनन की लीज प्राप्त होने के समय स्टाम्प शुल्क देय होगा जिससे इस क्षेत्र का वित्तीय दायित्व कम होगा और कारोबार में सुगमता आयेगी।

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