Fri. Feb 23rd, 2024

Makar Sankranti: भारत ही नहीं, श्रीलंका और थाई जैसे देशों में भी मनाई जाती है मकर संक्रांति

Makar Sankranti: मकर संक्रांति एक ऐसा त्यौहार है जो पूरे भारत में अलग-अलग राज्यों में कई नामों से मनाया जाता है. यह त्यौहार भारत ही नहीं, श्रीलंका और थाई जैसे देशों में भी मनाया जाता है. अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से लोग इसे मनाते हैं.

इस साल उत्तरायण यानी मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा. इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं. भारत भर में तो ये त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. हालांकि, देश के अलग-असग राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. मकर संक्रांति पर स्नान और दान का भी बेहद महत्व होता है. दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर लोग गंगा में डुबकी लगाते हैं.

लेकिन उत्तरायण का ये त्योहार न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में मनाया जाता है. जी हां, सुनकर आपको भी थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है. लेकिन देश के पड़ोसी देशों में मनाया जाने वाला ये त्योहार भारत में नई ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है. आइए जानते हैं कि किन-किन देशों में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है.

श्रीलंका

श्रीलंका, भारत के दक्षिण में है लेकिन यहां भी मकर संक्रांति मनाई जाती है. यहां इस त्योहार को मनाने के लिए अलग परंपरा को फॉलो किया जाता है. श्रीलंका में मकर संक्रांति को उजाहवर थिरनल नाम से जाना जाता है. यहां के कुछ लोग इसे पोंगल भी कहते हैं. इसका कारण ये है कि तमिलनाडु के लोग यहां बड़ी संख्या में रहते हैं.

म्यांमार

म्यांमार में तो इस पर्व को बड़े अनोखे अंदाज से मनाया जाता है. यहां इसे थिनज्ञान नाम से मनाया जाता है. म्यांमार में मकर संक्रांति का त्योहार बौद्ध धर्म के समुदाय से जुड़ा हुआ है. यह त्योहर 3 से 4 दिन तक चलता है. ऐसा माना जाता है कि नए साल के आने की खुशी में भी यहां मकर संक्रांति मनाई जाती है.

थाईलैंड

आपको जानकर हैरानी होगी कि थाईलैंड में भी मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. इसे थाईलैंड में सॉन्कर्ण नाम से जाना जाता है. पुराने समय में थाईलैंड में हर राजा की अपनी विशेष पतंग होती थी. इस पतंग को ठंड में भिक्षु और पुरोहित देश में खुशहाली की आशा में उड़ाते थे. सिर्फ राजा ही नहीं थाईलैंड के लोग भी अपनी प्रार्थनाओं को भगवान तक पहुंचाने के लिए पतंग उड़ाते थे.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *