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JNU Students Union Elections: 27 बाद प्रेसिडेंट बने दलित ,चारों पदों पर लेफ्ट की जित

JNU Students Union Elections:  जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) चुनाव में लेफ्ट ने ABVP को हराकर चारों सीटों- प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पर जीत हासिल की है।

2973 वोट पाकर धनंजय स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट बने। इस जीत के साथ ही JNU छात्र संघ को 27 साल के बाद लेफ्ट की तरफ से दलित प्रेसिडेंट मिला है। इसके पहले 1996-97 में बट्‌टी लाल बैरवा पहले दलित प्रेसिडेंट बने थे।

लेफ्ट के धनंजय ने ABVP के उमेश चंद्र अजमीरा को 934 वोटों से हराया। वाइस प्रेसिडेंट अविजीत घोष ने 2649 वोट पाकर ABVP की दीपिका शर्मा को 1104 वोटों से हराया।

जनरल सेक्रेटरी पोस्ट पर लेफ्ट की प्रियांशी आर्य को 3307और ABVP के अर्जुन आनंद को 2309 वोट मिले। जॉइंट सेक्रेटरी पोस्ट पर लेफ्ट कैंडिडेट मोहम्मद साजिद ने 2893 वोट पाकर जीत हासिल की। वहीं, ABVP के गोविंद दांगी को 2496 वोट मिले।

JNU में 4 साल बाद चुनाव हुए हैं। 22 मार्च को रिकॉर्ड 73% वोटिंग हुई थी। पिछले 12 साल में यह पहली बार है जब इतने वोट पड़े हों। इससे पहले 2019 में 67.9% मतदान हुआ था।

प्रेसिडेंट

1. धनंजय (लेफ्ट): 2973

2. उमेश चंद्र अजमीरा (ABVP): 2039

वाइस प्रेसिडेंट

1. अविजीत घोष (लेफ्ट): 2649

2. दीपिका शर्मा (ABVP): 1778

जनरल सेक्रेटरी

1. प्रियांशी आर्य (लेफ्ट समर्थित): 3307

2. अर्जुन आनंद (ABVP): 2309

जॉइंट सेक्रेटरी

1.मोहम्मद साजिद (लेफ्ट): 2893

2. गोविंद दांगी (ABVP): 2496

लेफ्ट की तीन पार्टियों एक साथ मैदान में

यूनाइटेड लेफ्ट में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) शामिल रहीं। लेफ्ट ने अध्यक्ष पद के लिए धनंजय, उपाध्यक्ष के लिए अविजीत घोष और संयुक्त सचिव के लिए मोहम्मद साजिद को मैदान में उतारा।

ABVP ने बड़ी जीत का दावा किया था

ABVP ने शनिवार को दावा किया था कि 9 में से 5 स्कूल काउंसलर पद पर भगवा ने क्लीन स्वीप किया है। इसके अलावा 18 में से 12 काउंसलर सीटों पर भी जीत हासिल की है। हालांकि JNU छात्रसंघ चुनाव समिति की ओर से शनिवार को काउंसलर सीटों के नतीजों को लेकर कोई भी आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी।

ABVP ने बताया था कि स्कूल ऑफ संस्कृत एवं इंडिक स्टडीज के तीनों पद, स्कूल ऑफ नैनो साइंस का एकमात्र पद, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के चारों पद, स्कूल ऑफ कंप्यूटर सिस्टम एंड साइंसेज के सभी तीनों पदों पर भगवा परचम लहराया है।

साढ़े 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट ने वोट डाला

JNUSU चुनाव में साढ़े 7 हजार से ज्यादा स्टूडेंट ने वोट डाला। वोटिंग के लिए 17 पोलिंग बूथ बनाए गए। JNUSU के केंद्रीय पैनल के लिए कुल 19 उम्मीदवार मैदान में थे। केंद्रीय पैनल में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और महासचिव शामिल थे। स्कूल काउंसलर के लिए 42 लोगों ने किस्मत आजमाई। अध्यक्ष पद के लिए 8 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।

क्या है जेएनयू की छात्र राजनीति का इतिहास

साल 1969 में जब से जेएनयू की स्थापना हुई, तब से वामपंथी छात्र संगठनों, विशेष रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) से जुड़े स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का छात्र राजनीति पर गहरा प्रभाव रहा है. एसएफआई को अध्यक्ष पद पर 22 बार जीत मिली है, जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) ने 11 बार यह पद हासिल किया है. जेएनयूएसयू चुनाव के लिए अध्यक्षीय बहस 20 मार्च को हुई थी. मतदान 22 मार्च को हुआ था और रिजल्ट आज आया है. 

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