परम्परागत खेती के अलावा व्यवसायिक खेती अपनाए

परम्परागत खेती के अलावा व्यवसायिक खेती अपनाए

  • महेश पाण्डेय ब्यूरो चीफ

वाराणसी/पिंडरा। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण व कृषक जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत शनिवार को ब्लॉक मुख्यालय मंगारी के सभागार में ब्लॉक स्तरीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों की आय दोगुना करने तथा परंपरा गत खेती से इतर व्यवसायिक खेती पर जोर दिया गया। कृषि विशेषज्ञ व वैज्ञानिक प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने पारम्परिक कृषि व जैविक खेती के बारे जानकारी देते हुए किसानों को बताया कि बिना मिट्टी के सेहत की जांच कराए फसल लगाने से उतना लाभ नही होता जितना कि होना चाहिए।

उन्होंने मृदा स्वास्थ्य का परीक्षण कराने पर जोर दिया। वही मशरूम खेती के विशेषज्ञ आंनद प्रकाश सिंह ने कहाकि परम्परागत खेती के अलावा किसानों को मधुमक्खी पालन व मशरूम पालन करनी चाहिए। मशरुम एक ऐसी खेती है जो बिना खेत के होती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेन्द्र सिंह ने कहाकि किसानों की समस्या के लिए किसान हेल्प डेस्क ब्लॉक स्तर पर होना चाहिए। जिसपर प्रभारी बीडीओ/एडीओ कॉपरेटिव आशीष सिंह ने कहाकि अधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही किसान हेल्प डेस्क खोलवाने की कोशिश करूंगा।

जिससे 72 घण्टे के अंदर उनकी समस्या का समाधान हो सके। इस दौरान मधुमक्खी पालन करने वाली ममता पटेल व मशरूम की खेती करने वाली ज्योति सिंह ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को किसानों से साझा किया। इस दौरान एडीओ पंचायत सीताराम, एडीओ कृषि क्षमाशंकर ,किसान संतोष सिंह, अनिल सिंह, जयशंकर सिंह, ओमप्रकाश पटेल, सुरेन्द्र पटेल, मोहन पटेल, सदानंद समेत अनेक किसान रहे। इसके पूर्व दीप प्रज्वलित कर किसान गोष्ठी का शुभारंभ अतिथिद्वय द्वारा किया। इस दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने समेत अनेक स्टॉल भी लगे थे।

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