18 प्लस युवाओं के लिए टीकाकरण का शुभारंभ

18 प्लस युवाओं के लिए टीकाकरण का शुभारंभ

  • संवाददाता राकेश वर्मा

आजमगढ़: प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर (Anil Rajbhar) ने आजमगढ़ के सदर तहसील के सठियांव ब्लॉक स्थित उच्चीकृत स्वास्थ्य केंद्र पर 18 प्लस युवाओं के लिए टीकाकरण (Vaccine) का शुभारंभ किया। नौजवानों के लिए टीकाकरण की शुरुआत के लिए काफी तैयारियां की गई थी और लोगों को टीका लगवाने का बेसब्री से इंतजार भी था। इस दौरान लोगों को बताया गया कि बिना ऑनलाइन पंजीकरण के टीका लगवाने केंद्र पर न जाएं।

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर (Anil Rajbhar) ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कोरोना से निबटने के लिए प्रदेश सरकार के तमाम प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व प्रदेश के नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में 18 प्लस नौजवानों को टीका लगाया जा रहा था लेकिन आज से आजमगढ़ मंडल मुख्यालय समेत अन्य मंडल मुख्यालयों पर वैक्सीनेशन की शुरुआत की जा रही है जिससे युवाओं को वैक्सीन मिलने का रास्ता साफ हुआ है। आज वैक्सीन के मामले में प्रदेश पूरे देश में नंबर एक है।

सबसे ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध कराएं हैं और सबसे ज्यादा लोगों को लगाया गया है। लापरवाही कहीं ना हो इसके लिए हर विकल्प पर काम किया जा रहा है। पूरी पारदर्शिता के साथ ग्लोबल टेंडर के जरिए दुनिया की कंपनियों को आमंत्रित किया है। टीम ने व प्रशासन ने भी अच्छा काम किया है।

वैक्सीन (Vaccine) की पहले नुकसान के आंकड़े और अब के आंकड़े में काफी अंतर आया है अब मात्र 2 प्रतिशत ही वैक्सीन का नुकसान हो रहा है। प्रधानमंत्री के ट्रिपल टी यानी ट्रेसिंग, टेस्ट, ट्रीट के फार्मूले पर सरकार अच्छा काम कर रही है और कोरोना से प्रभावित पीड़ितों व मौतों की संख्या में भी काफी कमी आई है।

कोरोना से निपटने में सरकार के फेल होने के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने जवाब दिया कि किसी भी वैज्ञानिक, डॉक्टर या दुनिया में कहीं से किसी को अंदाजा नहीं था कि कोरोना वायरस 20 गुना मारक क्षमता के साथ इस प्रकार से आएगा। फिर भी सरकार ने रात दिन प्रयास कर इस को कंट्रोल करने का काम किया इसी प्रयास का नतीजा है कि कोविड-19 (Covid-19) की चुनौती से लड़ते हुए स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं की तरफ प्रदेश अब आत्मनिर्भरता की तरफ चल पड़ा है चाहे वह ऑक्सीजन का मामला हो या अन्य सुविधाओं का।

ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई मामलों के सामने आने के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 60 हजार निगरानी समितियां इसके लिए केवल गांवों में काम कर रही हैं। लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।

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