सीएमओ के नाक के नीचे चल रहा अवैध पैथोलॉजी सेन्टर

सीएमओ के नाक के नीचे चल रहा अवैध पैथोलॉजी सेन्टर

संवाददाता संजय तिवारी

बलिया: शासन के तमाम कोशिशों के बाद भी जनपद में प्रशासन के नाक के नीचे अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउन्ट केंद्रों का संचालन खूब फल-फूल रहा है। न तो इन पर कोई नकेल कशने वाला है और न ही इनकी कोई सुध लेने वाला है।बलिया जिला अस्पताल से लेकर शहर के कई इलाकों में बिना किसी रजिस्ट्रेशन के जांच घर के नाम पर अवैध पैथोलॉजी सेंटरों से जुड़ा है। बलिया के प्रशासनिक अधिकारियों ने इसके लिए टीम बना कर ऐसे पैथोलॉजी या जांच सेंटरों पर नकेल कसने के आदेश भी दिए है लेकिन सम्बन्धित अधिकारियों के ऊपर इसका कोई असर नही है।

इस मामले पर जब मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद से पूछा गया तो जवाब संतोष जनक नही मिला। और कहा वैध चिकित्सालयों,अल्ट्रासाउंड केंद्रों, पैथोलॉजी सेंटरों का समय-समय पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता है और जब भी कोई अनियमितता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है लेकिन,कितने अवैध और बिना रजिस्ट्रेशन के ऐसे केंद्र या सेंटर है इसका कोई जवाब नही मिला। कितने ऐसे सेंटर जांच में अवैध मिले और कितनो पर कार्रवाई के सवाल पर सीएमओ साहब का जवाब भी हैरान करने वाला मिला मानो साहब ने सवाल को ठीक से सुना नही या फिर सुन्ना नही चाहते है।

दरअसल सवाल अवैध संचालको पर क्या कार्रवाई हुई से जुड़ा था लेकिन जवाब रजिस्टर्ड केंद्रों के संचालन पर दिया, कहा हमारे जनपद में जितने भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पंजीकृत है उनके जांच के लिए प्रशानिक टीम बना कर जांच किया गया था। यही नही सीधे तौर पर कहा कि जांच में कोई अवैध नही पाए गए थे।दरअसल जनपद के लगभग सभी तहसीलों में चाहे वो सीएमओ कार्यालय से महज कुछ दूरी पर ही क्यों न हो अवैध रूप से संचालित केंद्रों की भरमार है लेकिन प्रशासन कुम्भकर्णी नींद में सो रही है।

जब मीडिया ने स्वयं इसकी पड़ताल जिला अस्पताल मार्ग पर करना चाहा तो हड़कम्प मच गया और धड़ा-धड़ अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउन्ट सेंटरों पर ताला लग गया। जिसकी तस्वीरे कैमरे में कैद हो गयी। नज़ारा भले ही हैरान करने वाला था लेकिन इसके पीछे की वजह, ऐसा साफ प्रतीत होता है कि ऐसे संचालन केंद्रों को संचालित करने की छूट सिर्फ अवैध धन उगाही के लिए किया जा रहा है जिसमे स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से संलिप्त है या यूं कहें कि स्वास्थ्य विभाग दलालों का एक बड़ा हब है जिनके इसारे पर सब कुछ होता है जो जांच के दायरे में आता है।

मीडिया के पड़ताल में कई जांच घर बिना रजिस्ट्रेशन के मिले तो कही नाम किसी और का और काम कोई और कर है।जिन रजिस्टर्ड चिकित्सालयों की बात सीएमओ साहब कर रहे है वो मानक विहीन मिले लेकिन साहब को कोई फर्क नही पड़ता। वैसे भी बलिया में झोला छाप डॉक्टरों की कमी नही है और इलाज के नाम पर जनता को सिर्फ लूटने का काम बेखौफ किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *