गोपाल की जिंदगी कैसे बदल दी इस डीएम ने

गोपाल की जिंदगी कैसे बदल दी इस डीएम ने

रिपोर्टर: बृजेन्द्र दुबे / मीरजापुर: एक बेबस लाचार इंसान जिसके बहुत सारे ख्वाब होंगे, जो रात के तन्हाइयों के आंगन में चांद तारो को झांकता है। यह एक विकलांग इंसान है, जिसके कमर के नीचे का भाग एक एक्सीडेंट में बिल्कुल निष्क्रिय हो चुका है। जिसका नाम गोपाल खंडेलवाल है। वह मीरजापुर जिले के कछवा इलाके पत्ती का पूरा गाँव के रहने वाले है।

असल में बात यह है कि यह एक एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। बहुत दिनों तक यह बिस्तर पर पड़े रहे। इनके कमर के नीचे का भाग बिल्कुल कार्य नही करता जिसकी वजह से वे चलने फिरने में एकदम नाकाम है। गोपाल खंडेलवाल की सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि वह हमेशा बीमारी के चलते दवा का खर्च उठाने में असहज है। जिसको लेकर यह हमेशा परेशान रहते है। एक ट्वीट ने गोपाल खंडेलवाल की अंधेरे जीवन मे एक आशा की किरण लेकर जिले के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने उनके ट्वीट को पढ़कर उसको तत्काल संज्ञान में लेकर गोपाल के अंधेरे जीवन मे उजाला से रोशन कर दिया।

प्रवीण कुमार लक्षकार 1

डीएम ने ट्वीट पढ़कर गोयल से की बात
गोपाल खंडेलवाल ने बतायाकि वह कई सालों से प्रदेश के मुखिया समेत प्रदेश और जिले के बड़े अधिकारियों को हमेशा ट्वीट करते रहते है। उनका कहना यह भी था कि इतने वर्षो में कितने अधिकारी आए और चले गए लेकिन किसी ने हमारे किए गए ट्वीट को संज्ञान में नही लिया। लेकिन वर्त्तमान डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार हमारे जीवन मे उजाले कि किरण बनकर , एक फरिस्ता बनकर आए। उन्होंने बताया कि वह हमारे ट्वीट को पढ़कर हमसे फोन पर बात किये। उसके बाद डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार हमारे घर पर आए। हमारी परेशानी को सुनकर उसका निराकरण भी तुरंत कर दिए।

दो वर्षों तक छः हजार तक मिलेगी मदद
डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने पीड़ित विकलांग गोपाल खंडेलवाल के ट्वीट को तुरंत संज्ञान लेते हुए उनसे रात्रि में ही फोन से वार्ता किया। जिसके बाद उनको पूरी मदत का आस्वासन दिया। जिसके बाद डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार आज शुक्रवार को स्वयं चलकर पीड़ित गोपाल के घर पहुँचकर उनसे मुलाकात किये। जिसके बाद गोपाल ने दवा और खाने के खर्च के लिए पांच हजार प्रति महीने की मदत डीएम से मांग किया। जिसके बाद डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने रोटरी क्लब की मदत से गोपाल को छः हजार रुपये प्रति माह अगले दो वर्षों तक हर माह की सात तारीख को उनके बैंक खाते में आ जाया करेगा। डीएम ने बतायाकि अब पीड़ित गोपाल को दवा और खाने पीने की चीजों में कोई कमी नही आएगी। डीएम ने कहाकि विकास कार्य के लिए जो भी सरकार द्वारा मूलभूत सुविधाए चल रही है उसके अंतर्गत भी गोपाल को निश्चित तौर पर दी जाएंगी।

गोपाल बच्चो को देते है मुफ्त शिक्षा
गोपाल खंडेलवाल बचपन से विकलांग होने की वजह से परेशान है। उनका खुद का जीवन अंधेरे के समान है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि गोपाल खंडेलवाल एक शिक्षक है। उन्होंने अपने घर पर गुरुकुल निशुल्क विद्यालय चलाते है। गोपाल खंडेलवाल अपने गाँव के छोटे-छोटे बच्चों को मुफ्त शिक्षा देते है। गोपाल खंडेलवाल ने बतायाकि इक्कीस वर्षो से हम बच्चो को मुफ्त शिक्षा देते आ रहे है। इन इक्कीस वर्षो में कम से कम दस हजार बच्चो को पढ़ा चुके है।उन्होंने बतायाकि इस समय हमारे गुरुकुल में लगभग सौ बच्चे प्रतिदिन नि:शुल्क पढ़ते है।

सीपीएमटी की परीक्षा कर चुके है पास
गोपाल खंडेलवाल ने बतायाकि वह पिछले इक्कीस वर्षो से एक शिक्षक के रूप में गाँव के लड़कों को मुफ्त शिक्षा देते है। उन्होंने बतायाकि वह अपने तीन दोस्तो के साथ सीपीएमटी की परीक्षा देने लखनऊ गया था। परीक्षा देकर हम लोग वापस लौट रहे थे। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। रास्ते मे एक्सीडेंट हो गया। उसी एक्सीडेंट के बाद से हमारे कमर के नीचे का भाग कार्य करना बंद कर दिया। जिसके बाद हमारे साथ हमारे तीनो दोस्तो ने सीपीएमटी की परीक्षा उत्तीर्ण कर लिए। हमारे दोस्त डॉक्टर बन गए लेकिन हमारी चलने की क्षमता खत्म हो गयी जिस कारण हम नही पढ़ सके। अपने दोस्तों की मदत से हम यहां अपने गुरुकुल के जरिए बच्चो को मुफ्त शिक्षा देते है।

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