शिक्षा का अधिकार और बाल श्रम कानून की धज्जियां किस प्रकार उड़ाई जा रही हैं

शिक्षा का अधिकार और बाल श्रम कानून की धज्जियां किस प्रकार उड़ाई जा रही हैं

रिपोर्टर: रन्धा सिंह

चन्दौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर- जिले में शिक्षा का अधिकार और बाल श्रम कानून की धज्जियां किस प्रकार उड़ाई जा रही हैं,अगर यह नजारा देखना हो तो किसी ईट के भट्टे पर जाकर देखें।जहां खुलेआम छोटे-छोटे बच्चे श्रम करते नजर आएंगे।गरीबी की मार झेल रहे यह बच्चे अपने और परिवार के पेट की आग मिटाने के लिए भले ही श्रम कर रहे हो। लेकिन ऐसे में इनका बचपन भी छीना जा रहा है।सरकार के दावों की हवा निकाल रही यह तस्वीर चकिया थाना क्षेत्र के हेतिमपुर गांव की है जहा नौनिहालों से ईंट भट्ठे पर काम लिया जा रहा है।

ऐसे में उन तमाम एनजीओ के कारनामों की कलाई खुल जाती है जो धरातल पर आए बिना ही बाल मजदूरी के खिलाफ कार्य करने व शिक्षा का अधिकार दिलाने का दावा करते हैं। देखा जाए तो जिले में तमाम एनजीओ जगह जगह कार्यालय खोलकर ऐसे सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध काम करने का दावा कर रहे हैं। लेकिन उनकी जमीनी हकीकत बयां करती यह तस्वीरें यह बताने के लिए काफी है कि उन एनजीओ के दावे कितने सही हैं।

वहीं दूसरी तरफ सरकारी महकमा भी कहीं न कहीं पूरी तरह जिम्मेदार है। इन बच्चों से मजदूरी कराने वाले ईट भट्ठा संचालक भी विभागीय उदासीनता के कारण बेखौफ होकर अपने कारनामों को अंजाम दे रहे हैं। सरकारी मशीनरी के हवाहवाई दावे यथार्थ के धरातल पर किस हद तक अवतरित हो पाते हैं यह देखने वाली बात होगी।

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