भेलूपुर थाना क्षेत्र की लापरवाही पर उठ रहे सवाल

वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। प्रधानमंत्री की संसदीय सीट वाराणसी में जहां स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पार्कों के सौंदर्यीकरण, स्मार्ट लाइटिंग और आधुनिक सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और तस्वीर पेश कर रही है। भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रविंद्रपुरी कॉलोनी का रविंद्रपुरी पार्क वर्षों से उपेक्षा, गंदगी और असुरक्षा का केंद्र बन चुका है।

पार्क में टूटी झूले, गंदगी और खुले में कपड़े सुखाने का अड्डा

स्थानीय निवासी मनोज कुमार चौहान बताते हैं कि पार्क में लगे झूले और प्ले इक्विपमेंट पूरी तरह टूट चुके हैं। सफाई व्यवस्था का कोई नामोनिशान नहीं है। दिन के समय लोग खुलेआम पार्क में कपड़े सुखाते देखे जाते हैं, और जब कोई इसका विरोध करता है तो झगड़े की नौबत आ जाती है।

रात 8 बजे के बाद पार्क बदल जाता है

सबसे गंभीर आरोप रात की तस्वीर को लेकर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात 8 बजे के बाद पार्क असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है जहां शराब, गांजा और अन्य नशे का सेवन खुलेआम किया जाता है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यदि रात में पुलिस या प्रशासनिक टीम औचक निरीक्षण करे तो हालात देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।

भेलूपुर थाने की गश्त पर सवाल

पार्क की अव्यवस्था और असुरक्षा का बड़ा कारण पुलिस की ढीली भूमिका को बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भेलूपुर थाना केवल औपचारिक गश्त कर लौट जाता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। नतीजा यह कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल कायम है और रात में पार्क के पास से गुजरना भी मुश्किल हो गया है।

स्मार्ट सिटी घोषणाओं में पार्कों का सौंदर्यीकरण, पर जमीनी हकीकत अलग

वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के करीब 75 पार्कों के नवीनीकरण, आधुनिक लैंडस्केपिंग और स्मार्ट लाइटिंग की योजना प्रस्तावित है। कुछ पार्कों में पाथवे, बेंच और प्ले-इक्विपमेंट का काम प्रगति पर भी है तथा 2026 की शुरुआत में 20 से अधिक स्मार्ट पार्क शुरू होने की बात कही जा रही है।

लेकिन रविंद्रपुरी पार्क जैसे कई स्थान इन योजनाओं से अभी भी अछूते हैं। शहर के अन्य पार्कों में भी टूटे झूले, उखड़े पाथवे और नशेड़ियों-जुआरियों के जमावड़े की शिकायतें पहले भी सामने आई हैं।

स्थानीय नागरिकों की मांग

कॉलोनीवासियों की मांग है कि:

✔ पार्क का तत्काल नवीनीकरण किया जाए
✔ नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित हो
✔ रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
✔ असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई हो

ताकि पार्क एक बार फिर परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और उपयोगी बन सके।

अब सवाल यह है कि क्या भेलूपुर थाना इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए वास्तविक कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी सिर्फ औपचारिक गश्त तक सीमित रह जाएगा? फिलहाल जनता इंतजार कर रही है।