Fri. Feb 23rd, 2024

भारत के लिए गौरव भरा वैश्विक ऐतिहासिक पल 

  • वैश्विक स्तरपर भारत के दो शहरों नें साहित्य व संगीत के रूप में  परचम लहराया 
  • संयुक्त राष्ट्र के यूनेस्को ने भारत के ग्वालियर को संगीत और कोझीकोड को साहित्य का शहर के रूप में नामित करना भारतवासियों के लिए गौरवविंत भरा पल – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया 

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियां के हर कोने में अगर कहीं उपलब्धियों की बात आती है तो वहां भारत का नाम जरूर सुनने को मिलता है, जिसका ग्राफ कुछ वर्षों से बढ़ता चला जा रहा है। साक्षात रूप से अभी हमने हांगझोऊ चीन एशियन गेम्स 2023 में 107 मेडल, भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2023 को 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य सहित कुल 111 पदकों के साथ अब तक की सर्वश्रेष्ठ मेडल टैली के साथ समाप्त किया है। चंद्रयान 3, सूर्ययान, गगनयान,भारत विश्व नेता के रूप में परिभाषित, विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, विश्व बैंक द्वारा तारीफ, पिछले माह यूनेस्को द्वारा हेरिटेज साइट की नई लिस्ट में पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन व कर्नाटक के होयसेल के पवित्र मंदिर को समूह में शामिल कर संख्या 42 तक पहुंचना और अभी 1 नवंबर 2023 को मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर ग्वालियर को संगीत का शहर और केरल के कोझीकोड को साहित्य का शहर के रूप में शामिल किया गया है, जो काबिले तारीफ है।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया 


दरअसल यूनेस्को ने इन दोनों शहरों सहित दुनियां के 55 शहरों को इस सूची में शामिल किया गया है। यूनेस्को की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इन शहरों को अपने विकास, रणनीतियों के हिस्से के रूप में सांस्कृतिक और रचनात्मकता का उपयोग करने और मानव केंद्रित शहरी नियोजन में नवीन प्रथाओं को प्रदर्शित करने के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता के लिए इस सूची में शामिल किया गया है, जो प्रत्येक भारतवासी के लिए एक गौरव की बात है और इन दोनों शहरों की स्थानीय निकायों शासन प्रशासन व राज्य सरकारों को बहुत-बहुत बधाई हो। नए नामित 55 रचनात्मक शहरों को 1 से 5 जुलाई तक ब्रागा, पुर्तगाल में आयोजित होने वाले 2024 यूसीसीएन वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।सम्मेलन का विषय अगले दशक के लिए युवाओं को मेज पर लाना है। चूंकि भारत के इन दोनों शहरों को वैश्विक स्तर पर स्थान मिला है, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, संयुक्त राष्ट्र परिषद के यूनेस्को ने भारत के ग्वालियर को संगीत का शहर और कोझिकोड को साहित्य का शहर के रूप में नामित करना भारतवासियों के लिए गौरवविंत भरा पल है। 

साथियों बात अगर हम यूनेस्को की अधिकृत वेबसाइट पर घोषणा की करें तो, दुनियां की क्रिएटिव सिटीज की सूची में भारत के 2 शहर यूनेस्को ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी घोषणा की है। यूनेस्को की ओर से जारी बयान के मुताबिक इन नए शहरों को अपनी विकास रणनीतियों के हिस्से के रूप में संस्कृति और रचनात्मकता का उपयोग करने और मानव-केंद्रित शहरी नियोजन में नवीन प्रथाओं को प्रदर्शित करने के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता के लिए इस सूची में शामिल किया गया है। विश्व शहर दिवस (वर्ल्ड सिटी डे) पर यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अजोले द्वारा स्वीकृति के बाद 55 शहर रचनात्मक शहरो के नेटवर्क में शामिल हो गए। मध्य प्रदेश के ग्वालियर ने संगीत श्रेणी में इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाई है। वहीं, केरल के कोझिकोड को साहित्य श्रेणी में इस सूची में शामिल किया गया है। 

साथियों बात अगर हम केंद्रीय संस्कृत मंत्री द्वारा सोशल मीडिया एक्स में दी गई जानकारी की करें तो, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यानी युनेस्को में भारत के दो शहरों ने परचम लहराया है। भारत के ग्वालियर और कोझिकोड को उन 55 नए शहरों में शामिल किया है जिनकी मंगलवार को यूनेस्को के रचनात्मक शहरों के नेटवर्क की सूची जारी की थी।केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने इसकी जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर एक्स पर पोस्ट किया देशवासियों के लिए एक गौरव भरा ऐतिहासिक पल है। क्योंकि युनेस्को ने क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क की सूची में केरल के कोझिकोड को साहित्य का शहर और ग्वालियर को संगीत का शहर के रूप में नामित कियागया है। 

साथियों बात अगर हम ग्वालियर को संगीत शहर काखिताब मिलने की करें तो, मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस पर प्रदेश वासियों को एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। प्रदेश की ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर को यूनेस्को ने अपनी क्रिएटिव सिटीज में शामिल किया है। ग्वालियर को उसकी संगीत विरासत के लिए चुना गया है। बता दें, मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग ने इसका प्रस्ताव  यूनेस्को को भेजा था। इस प्रस्ताव में बताया गया था कि ग्वालियर अपनी संगीत धरोहर के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यह शहर तानसेन, बेजू बाबरा, राग रागनी, ध्रुपद के लिए प्रसिद्ध है। ग्वालियर को मिली इस सफलता पर मध्य प्रदेश टूरिज्म विभागने हर्ष जताते हुए आगे इस विरासत को और बढ़ाने की बात कही है। साथ ही कहा है कि प्रदेश के अन्य शहरों के प्रस्ताव भी यूनेस्को में भेजे जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश खासकर ग्वालियर-वासियों के लिए एक गौरव भरा ऐतिहासिक पल है। मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि युनेस्को द्वारा ग्वालियर को सिटी ऑफ़ म्यूजिक की मान्यता दी गई है। यह उपलब्धी सबके साथ मिलकर किये गए हमारे अथक प्रयासों का परिणाम है। ग्वालियर की यह उपलब्धि विश्व पटल पर मध्य प्रदेश की एक नई पहचान स्थापित करेगी और विकास व रोज़गार के नये द्वार खोलेगी। सभी प्रदेश वासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि की अनंत बधाई तथा स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 

साथियों बात अगर हम यूनेस्को के साथ रचनात्मक क्षेत्र और उसमें शामिल भारतीय शहरों की करें तो, यूनेस्को का रचनात्मक शहरों का नेटवर्क (यूसीसीएन) की स्थापना कर 2004 में प्रारंभ किया गया था। इसका उद्देश्य, उन शहरों के मध्य सहयोग को बढ़ावा देना है जो रचनात्मकता को अपने शहरी विकास में एक रणनीतिक कारक के रूप में पहचानते हैं और नीति निर्धारण में उन कारकों को स्थान देते हैं।सतत् विकास लक्ष्य 11 का उद्देश्य सतत् शहरों और समुदायों से संबंधित है।

यूसीसीएन में सात रचनात्मक क्षेत्र हैं (1) शिल्प एवं लोक कला,(2) मीडिया कला, (3) फिल्म, (4) डिज़ाइन, (5) गैस्ट्रोनॉमी, (6) साहित्य (7) संगीत यूसीसीएन में शामिल भारत के शहरइस प्रकार हैं जयपुर – शिल्प और लोक कला (2015)। वाराणसी – संगीत का रचनात्मक शहर (2015)।चेन्नई – संगीत का रचनात्मक शहर (2017)।मुंबई -फिल्म (2019)।हैदराबाद:-गैस्ट्रोनॉमी (2019)।श्रीनगर-शिल्प और लोक कला (2021) ग्वालियर – संगीत (2023)।कोझिकोड- साहित्य के रचनात्मक शहर (2023)।

साथियों बात अगर हम विश्व शहर दिवस 31 अक्टूबर 2023 की करें तो, चूंकि हमने यह दोनों शहरों की उपलब्धि इस दिवस के उपलक्ष में पाई है इसलिए इसके बारे में जानना जरूरी है। हर साल 31 अक्टूबर को विश्व शहर दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र की महासभा की ओर से 27 दिसंबर 2013 की ओर से पारित प्रस्ताव के आधार पर इसका आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने के लिए राष्ट्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना।भारत में छोटे-बड़े 4700 शहर हैं, इनमें 100 के करीब स्मार्ट सिटी हैं। शहरी आबादी को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार की ओर से लगातार कदम उठाये जा रहे हैं।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि भारत के लिए गौरव भरा वैश्विक ऐतिहासिक पल।वैश्विक स्तरपर भारत के दो शहरों नें साहित्य व संगीत के रूप में परचम लहराया।संयुक्त राष्ट्र के यूनेस्को ने भारत के ग्वालियर को संगीत और कोझीकोड को साहित्य का शहर के रूप में नामित करना भारतवासियों के लिए गौरवविंत भरा पल है। 

  • संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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