“सावधान इंडिया” टीवी शो के हादसे के बाद एफडब्लूआइसीई ने निर्माताओं और चैनलों को दी चेतावनी

“सावधान इंडिया” टीवी शो के हादसे के बाद एफडब्लूआइसीई ने निर्माताओं और चैनलों को दी चेतावनी

रिपोर्ट शमा ईरानी

मुंबई: ‘सावधान इंडिया’ शो के असिस्टेंट आर्ट डायरेक्टर प्रमोद कालेकर की दुर्घटना में हुई मौत के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) ने यह तय किया है कि भविष्य में अगर इस तरह की घटना वर्करों के साथ हुई तो कंपनसेशन के अलावा प्रोड्यूसर और चैनल के खिलाफ एफआईआर भ दर्ज कराई जाएगी। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती हमारे वर्कर उस प्रोड्यूसर और चैनल के साथ असहयोग करेंगे।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज की पहल पर “सावधान इंडिया” शो के मृत असिस्टेंट आर्ट डायरेक्टर प्रमोद कालेकर के परिजन को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद  प्रोड्यूसर ने की थी और चैनल ने फेडरेशन के पत्र  को गंभीरता से लेते हुए इस शो की शूटिंग 15 दिन के लिए बंद कराते हुए साफ कह दिया था कि जब तक इस मुद्दे को क्लियर नहीं कराया जाता इस शो की शूटिंग नहीं होगी। निर्माता का पेमेंट रोक दिया था।

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में उक्त जानकारी दी। फेडरेशन के कार्यालय में आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के  जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे, ट्रेजरार गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव, मुख्य सलाहकार शरद शेलार, अशोक पंडित और गजेंद्र चौहान तथा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।


इस अवसर पर श्री तिवारी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि फ़िल्म और टीवी शो की शूटिंग से जुड़े मंथली वर्करों के लिए एक महीने में चार अवकाश होना जरूरी है अगर किसी चैनल या प्रोड्यूसर ने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। साथ ही कोरोना को ध्यान में रखते हुए वर्करों का कोविड इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस होना जरूरी है। प्रोड्यूसर और चैनल को इस बात पर ध्यान देना होगा। साथ ही देखा जाता है कि कई प्रोडक्शन हाउस वर्करों को शूटिंग के दौरान पौष्टिक आहार और शुध्द पानी तक नहीं देते। सेनिटाइजर और सोशल डिस्टेंस भी कई सेटों पर नहीं रखा जाता।

प्रेस कांफ्रेंस में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने कहा कि हमारे पांच लाख वर्कर हैं जिनका परिवार मिलाकर 20 से 25 लाख लोग हैं। उनको कोरोना काल में केंद्र या राज्य सरकार ने कोई मदद नहीं की बल्कि राज्य सरकार के कुछ माननीय मंत्रियों और नेताओं ने हमारी जॉच शुरू कर दी। हमारी संस्था गैर राजनीतिक संस्था है इसलिए हमने रजिस्ट्रार के पास संस्था का पूरा हिसाब- किताब देकर उन्हें संतुष्ट किया।


इस प्रेस कांफ्रेंस में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) के ट्रेजरार गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव ‘संजू भाई ‘ ने कहा कि आये दिन देखा जाता है कि प्रोड्यूसर या चैनल टाइम से वर्करों को पेमेन्ट नहीं देते हैं पर अब ऐसा नहीं होगा। इस प्रेस कांफ्रेंस में एफडब्लूआइसीई के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने  घोषणा की कि फ़िल्म और टेलीविजन से जुड़े वर्करों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की अनुमति के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महाराष्ट्र के कर्जत के समीप शेलू में दादा साहेब फाल्के गृह निर्माण योजना की शुरुआत हो रही है जिसमे फस्ट फेज में दस हजार अस्सी घरों का निर्माण होने जा रहा है। इस टाउनशिप में अस्पताल, स्कूल तथा अन्य सुविधा भी होगी। इस टाउनशिप में फ़िल्म और टीवी वर्करों के लिए काफी सस्ते दर पर 465 स्क्वायर फुट के फ्लैट बनाये जा रहे हैं।


इस प्रेस कांफ्रेंस में फेडरेशन के मुख्य सलाहकार शरद शेलार ने कहा कि फ़िल्म इंडस्ट्रीज के इतिहास में पहली बार सिने वर्करों के लिए इस तरह के फ्लैट बनाये जा रहे हैं जो बहुत अच्छी बात है। फेडरेशन इसी तरह काम करे, मैँ फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ हूँ। एफडब्लूआइसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ऐसा नहीं है कि सब प्रोड्यूसर शिफ्ट से ऊपर काम नहीं करते। कुछ प्रोड्यूसर ऐसे हैं जिनकी वजह से ये दिक्कत आ रही है। मैं प्रोड्यूसर बॉडी से भी कहूंगा कि ऐसे प्रोड्यूसर हैं जो नियम का उलंघन  करते हैं उन्हें पत्र देकर समझाने की कोशिश करें। अगर वे नहीं समझते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इस अवसर पर एफडब्लूआइसीई के मुख्य सलाहकार गजेंद्र चौहान ने दादा साहेब फाल्के गृह निर्माण योजना की सराहना की।

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