वेतन वृद्धि न होने से अधिकारी-कर्मचारी को आर्थिक परेशानिया

वेतन वृद्धि न होने से अधिकारी-कर्मचारी को आर्थिक परेशानिया

संवाददाता प्रदीप दुबे

गाजीपुर: युसूफपुर मुहम्मदाबाद में वेतन समझौता लागू करने व एलआइसी के आईपीओ को वापस लेने सहित विभिन्न मांगों को लेकर एलआईसी कर्मी गुरुवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल में एलआइसी क्लास वन फेडरेशन, विकास अधिकारी संगठन एवं आल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के सदस्य शामिल हुए।

इस मौके पर एआईआईईए के मंडलीय उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पांच करोड़ रुपए की प्रारंभिक पूंजी से शुरू कर एलआईसी सरकार को 28 हजार करोड़ रुपए लाभांश दे चुकी है। बावजूद इसके सरकार एलआईसी आइपीओ लाने और बीमा में एफडीआई की सीमा को 74 फीसद तक बढ़ाने जा रही है। सरकार के इस फैसले से एलआईसी के 42 करोड़ पॉलिसी धारकों का हित प्रभावित होगा। एफडीआई बढ़ने से देश की छोटी-छोटी बचत की प्रवृति प्रभावित होगी।

ऐसे में सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। भारत सरकार एफडीआइ में वृद्धि एवं आइपीओ में लाकर छायादार वृक्ष को काटना चाहती है, जो बीमा कर्मियों को कतई स्वीकार नहीं है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार सुविधाएं देने के बजाय निजीकरण पर जोर दे रही है। विदेशी निवेश का सबसे बड़ा नुकसान यही होगा कि हमारे देश का पैसा विदेशों में चला जाएगा।

उपभोक्ताओं के हितों का भी नुकसान होगा। इसलिए विदेशी निवेश नहीं होना चाहिए। कहा कि अगस्त 2017 से अधिकारियों और कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन मिल रहा हैं कि वेतन और पदोन्नति होगी, लेकिन वेतन वृद्धि का मामला आज तक हल नहीं हो सका। वेतन वृद्धि न होने से अधिकारी-कर्मचारी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इस अनसर पर गोपाल सिंह, अतुल कुमार साहू, आनन्द कुमार, कमलेश, वीरेंद्र कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, पवन कुमार रस्तोगी, विजय कुमार प्रसाद, तुषार पाल सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे। अध्यक्षता धर्मेन्द्र कुमार और संचालन संतोष कुमार सिंह ने किया।

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