काशी में प्रवेश के लिये आठ द्वार बनाये जाये।

काशी में प्रवेश के लिये आठ द्वार बनाये जाये।

वशिष्ठ वाणी संवाददाता

वाराणसी

प्राचीनतम शहरों में शामिल काशी की संस्कृति दुनियां की प्राचीनतम संस्कृति है। काशी की संस्कृति और प्राचीन विरासत के अनुसार ही काशी का विकास होना चाहिये। विकसित काशी का अर्थ प्राचीन विरासत का संरक्षण है। बिना विरासत के काशी के विकास का कोई अर्थ नहीं। अखिल भारतीय व्यास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत बालक दास जी महाराज ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग किया है कि काशी की प्राचीन विरासत और गौरव फिर से लौटाई जाय। प्राचीन काल में काशी के प्रवेश के लिये आठ द्वार थे। फिर से आठ द्वार बनाये जायें जिससे काशी आने वालों को काशी के प्राचीन गौरव का एहसास हो सके। धर्म संस्कृति की नगरी काशी अपने पांडित्य और मस्ती के लिये प्रसिद्ध है। दुनियां भर के लोग यहां ज्ञान प्राप्त करने आते हैं। काशी की प्राचीन विरासत लौटाई गयी तो काशी का विश्व मानवीय सभ्यता के विकास में अतुलनीय योगदान होगा। दुनियां भर के लोग काशी आते हैं अध्यात्म और शांति की खोज में। आठों द्वार को काशी के आध्यात्मिक महापुरूषों के नाम पर रखा जाये। विशाल द्वार से काशी में प्रवेश करने वाले धर्म यात्रीयों को गर्व महसूस होगा और उन्हें प्राचीन वैभव की स्मृति में रहेगी।

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