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Tue. Apr 16th, 2024

वर्मी कंपोस्ट से हो रही लाखों की कमाई, यहां जानें तरीका

Vermi Compost: वर्मी कंपोस्ट से न केवल मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है साथ ही उपज बेहतर होती है. वहीं किसान को आय का अतिरिक्त साधन भी मिलता है.

पूर्णिया के गोकुलपुर पंचायत के किसान गोपाल कुमार ने वर्मी कंपोस्ट बनाने का तरीका कुछ साल पहले यूट्यूब से सीखा था. अब वो बीते तीन साल से इसकी मदद से कंपोस्ट बना रहे हैं. ये न केवल उन्हें अपनी फसल बेहतर बनाने में मदद कर रही है साथ ही उन्हें आसपास के दूसरे किसानों को वर्मी कपोस्ट बेचकर 6 लाख रुपये सालाना तक की आय हो रही है. वर्मी कंपोस्ट के फायदे को देखते हुए किसान इसे तेजी के साथ अपना रहे हैं जिससे कंपोस्ट बनाने वाले की अपनी कमाई और उपज दोनो बढ़ रही है. अगर आप भी वर्मी कंपोस्ट के जरिए आय के नए विकल्प पाना चाहते हैं तो जानिए गोपाल अपने लिए कैसे कंपोस्ट को तैयार करते हैं.

क्या है तरीका

गोपाल के मुताबिक वर्मी कंपोस्ट को तैयार करने के अलग अलग तरीके हैं. कंपोस्ट वर्म के द्वारा तैयार की जाती है. ऐसे में वर्म यानि केंचुएं को पनपने के लिए स्थितियां बनानी पड़ती हैं. गोपाल के मुताबिक गोबर और पानी को सही तरीके से मिलाकर इसे दो महीने के लिए छोड़ देना पड़ता है. इसके बाद इसमें वर्म को डाला जाता है. इसमें केले और घास आदि मिलाकर जूट की बोरी से ढ़क दिया जाता है. समय समय पर पानी का छिड़काव करने से वर्म के अनुकूल माहौल मिलता है और वर्मी कंपोस्ट तैयार होती है. उन्होने कहा कि वो पहली बार वर्म जलालगढ़ से खरीद कर लाए थे लेकिन अब वह खुद दूसरों को इसे उपलब्ध कराते हैं.

साल मे तीन बार मिलती है कंपोस्ट

उन्होंने कहा वह साल में तीन बार वर्मी कंपोस्ट निकाल लेते हैं और वह खुद खेती में इसका इस्तेमाल करते हैं और साथ ही  दूसरे किसानों को भी खेती के लिए बेचते हैं.  उन्होंने कहा कि यह 3 महीने में वर्मी कंपोस्ट पूरी तरह तैयार हो जाता है. और इस तरह से वो साल में 3 बार कंपोस्ट तैयार कर लेते हैं.  गोपाल के मुताबिक वह अपने खुद खेतों में भी यही वर्मी कंपोस्ट देते हैं और उनके गोकलपुर से 10 से 12 किलोमीटर आस पास रहने वाले सभी किसान उनके पास आकर वर्मी कंपोस्ट की खरीदारी करते हैं. उन्होंने कहा कि वर्मी कंपोस्ट का इस्तेमाल हर फसल में किया जा सकता है जिससे मिट्टी और फसल की गुणवत्ता बढ़ती है. इससे बेहतर उपज के साथ रोगमुक्त फसल भी हासिल होती है.

सालाना 5 से 6 लाख रुपये की आय

उन्होंने कहा कि साल में तीन बार कंपोस्ट निकलता हैं और साल भर में 600 क्विंटल के आसपास वह इसका उत्पादन कर लेते हैं और इससे सालाना इनकम 5 से 6 लाख का मुनाफा हो जाता है. उनके मुताबिक इससे दूसरे किसानों को भी फायदा मिलता है. वो कंपोस्ट बनाने के लिए अपने पशुओं से मिलने वाले गोबर का इस्तेमाल करते हैं वहीं कमी पड़ने पर वो दूसरे किसानों से 1500 रुपये प्रति ट्रेलर पर गोबर खरीदते हैं. वहीं उन्होने कंपोस्ट बनाने के लिए कुछ लोगों को काम पर भी रखा है.

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