Fri. Feb 23rd, 2024

नहीं रहे DMDK प्रमुख विजयकांत, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

 DMDK Chief Vijaykant passes away: नारायणन विजयराज अलगरस्वामी (Narayanan Vijayaraj Alagarswami) जिन्हें उनके स्टेज नाम विजयकांत (Vijayakanth) से बेहतर जाना जाता है, वो अब इस दुनिया में नहीं रहे. उनके निधन से साउथ की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. चूंकि वे न सिर्फ अभिनेता बल्कि एक भारतीय राजनीतिज्ञ भी थे और DMDK के फाउंडर थे. अभिनेता और डीएमडीके प्रमुख विजयकांत का 71 की उम्र में गुरुवार को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. जानकारी के अनुसार, अभिनेता से राजनेता बने विजयकांत कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे.

पीएम मोदी ने व्यक्त किया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन विजयकांत के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विजयकांत के निधन से बेहद दुखी हूं। उन्होंने अपने करिश्माई प्रदर्शन से लाखों लोगों को दिल जीता है। फिल्म जगत के साथ-साथ वे तमिलनाडु की राजनीति में भी अपना छाप छोड़ गए हैं।

जानें कौन है अभिनेता और डीएमडीके प्रमुख विजयकांत?  

ऑन-स्क्रीन सैन्य किरदारों को निभाने के कारण उन्हें प्यार से “कैप्टन” कहा जाता था, उन्होंने सिनेमा में एक सफल करियर के साथ खुद को एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में स्थापित किया. उन्होंने 154 फिल्मों में अभिनय किया और उसके बाद राजनीति में प्रवेश किया. विजयकांत ने 2005 में देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) की स्थापना करके राजनीति में कदम रखा. वह विरुधाचलम और ऋषिवंडियम निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए दो बार विधान सभा के सदस्य के रूप में कार्य किया. उनका राजनीतिक करियर तब चरम पर था जब वह 2011 से 2016 तक तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता बने.

विजयकांत विपक्ष के नेता की निभा चुके है जिम्मेदारी 

विजयकांत ने 2005 में देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) की स्थापना करके राजनीति में कदम रखा था. पार्टी की स्थापना तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके जैसी स्थापित द्रविड़ पार्टियों को चुनौती देने के लिए एक वैकल्पिक राजनीतिक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी. डीएमडीके ने 2006 के तमिलनाडु विधान सभा चुनावों में अपनी चुनावी शुरुआत की. पार्टी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और बड़ी संख्या में सीटें जीतने में कामयाब रही, जिससे खुद को राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक ताकत के रूप में स्थापित किया. 2011 के तमिलनाडु विधान सभा चुनावों में डीएमडीके ने एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ गठबंधन किया और विजयकांत विपक्ष के नेता बने थे. 

जानें एआईएडीएमके का चुनावी इतिहास?

2011 में डीएमडीके ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा और 41 निर्वाचन क्षेत्रों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 26 में जीत हासिल की थी. कैप्टन की पार्टी ने 2011 में DMK से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रचा और उस वर्ष प्रमुख विपक्षी पार्टी बनकर उभरी. विजयकांत ने 2011-2016 तक तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में काम किया. बाद में मतभेदों के कारण डीएमडीके ने एआईएडीएमके से नाता तोड़ लिया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में डीएमडीके विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद पार्टी ने मुख्य विपक्षी दल होने का दर्जा खो दिया. डीएमडीके ने 2014 का संसद चुनाव एनडीए के साथ गठबंधन में लड़ा था लेकिन उसे भारी हार का सामना करना पड़ा और उसके वोट प्रतिशत में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई. 

दिल्ली में Covid-19 के सब वेरिएंट JN.1 का पहला मामला आया सामने 

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को कहा कि 26 दिसंबर तक देश में कुल 109 जेएन.1 सीओवीआईडी प्रकार के मामले सामने आए हैं. इसी बीच राजधानी दिल्ली में Covid-19 के सब वेरिएंट JN.1 का पहला मामला सामने आया है. दिल्ली में बुधवार को कोरोना के 9 नए मरीज सामने आए हैं. कई सारे नमूने जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजे गए थे. उनमें से एक केस में Covid-19 के सब वेरिएंट JN.1 का मामला सामने आया है. बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है. इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जेएन.1 ओमिक्रॉन का एक उप-वेरिएंट है और एक हल्का संक्रमण है. यह दक्षिण भारत में फैल रहा है. घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह हल्की बीमारी का कारण बनता है. 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *