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गैर-मान्यता प्राप्त दलों के लिए अनिवार्य हुआ चुनावी खर्च का ब्योरा, नहीं कॉमन सिंबल

election commission of India

Election Commission On Common Symbol Performa: अब गैर-मान्यता प्राप्त दलों को भी अपने चुनावी खर्च का ब्योरा देना होगा, तभी कॉमन सिंबल दिया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के लिए योगदान रिपोर्ट और ऑडिट किए गए वार्षिक खाते जमा करने वाले पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सामान्य चिन्ह आवंटित करने के लिए प्रारूप को संशोधित किया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को पिछले दो चुनावों के लिए पार्टी के चुनाव व्यय विवरण भी जमा करना होगा, अगर उन्होंने कोई चुनाव लड़ा हो।

अधिकारियों ने कहा कि आरयूपीपी पहले ये विवरण अलग से दे रहे थे, अब इन विवरणों को सामान्य चिन्हों के लिए आवेदन के प्रारूप का हिस्सा बनाया जा रहा है। आयोग ने एक बयान में कहा, ‘तदनुसार, आयोग ने चुनाव प्रतीक (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अनुच्छेद 10बी के प्रावधानों के तहत सामान्य प्रतीक आवंटन के लिए आवेदन के प्रारूप को संशोधित किया है।’

निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने सामान्य प्रतीक आवंटन के लिए आवेदन के प्रारूप को संशोधित किया है और 11 जनवरी से सामान्य प्रतीक आवंटन की मांग करने वाली पार्टी को अनुलग्नक-3 के अनुसार विधिवत हस्ताक्षरित और नोटरीकृत एक घोषणा प्रस्तुत करनी होगी। आवेदन पार्टी के वर्तमान और अधिकृत पदाधिकारी को इस घोषणा के साथ प्रस्तुत करना होगा कि पार्टी ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के लिए योगदान रिपोर्ट और लेखापरीक्षित वार्षिक खाते उस राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में जमा कर दिए हैं जहां पार्टी का मुख्यालय है।

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