वाराणसी | वशिष्ठ वाणी। विकास खंड चोलापुर (वाराणसी) के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों ने जनहित, ग्रामीण विकास, और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दिनांक 15 दिसंबर 2025 को सभी पंचायत सचिवों ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के समक्ष अपने-अपने डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC)/डोंगल सामूहिक रूप से जमा कर दिए।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत सचिव संघ, प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर चल रहे शांतिपूर्ण एवं सांकेतिक असहयोग आंदोलन के बीच लिया गया। सचिवों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि आंदोलन के तहत 01 दिसंबर 2025 से पंचायत स्तर के गैर-मूल विभागीय कार्यों, ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली, एवं अन्य डिजिटल कार्यों का बहिष्कार किया जा रहा था।
हालांकि, ग्राम पंचायत सचिवों की मांगें, जिनमें सेवा शर्तों में सुधार, कार्मिक सुरक्षा, कार्यभार संतुलन, और प्रशासनिक अधिकारों की स्पष्टता शामिल हैं, अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई हैं। इसके बावजूद, सचिवों ने जनसामान्य की सुविधा, पंचायती राज व्यवस्था, और ई-गवर्नेंस प्रणाली को प्रभावित होने से बचाने के लिए DSC/डोंगल जमा करने का निर्णय लिया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सांकेतिक असहयोग आंदोलन की अवधि 01 दिसंबर से 05 दिसंबर 2025 तक निर्धारित थी। सचिवों ने यह भी अनुरोध किया कि यदि आंदोलन एवं मांगों के समाधान में विलंब होता है, तो उच्चाधिकारियों को प्रकरण से अवगत कराते हुए न्यायोचित कार्रवाई की जाए।
ग्राम पंचायत सचिवों का यह कदम विभागीय समन्वय, पंचायत प्रशासन, ग्रामीण विकास योजनाओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल प्रशासन को पुनः गति देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे पंचायत स्तर पर लंबित कार्य, ऑनलाइन सेवाएं, और जनसेवा संबंधी प्रक्रियाएं जल्द ही सामान्य होने की उम्मीद है।


