रंगभरी उत्सव तीसरा दिन

रंगभरी उत्सव तीसरा दिन

  • काशी पुराधिपती गौना कराने पहुंचे ससुराल
  • खास ‘रंगभरी ठंडई’ से किया गया बाबा की बारात का स्वागत।

वशिष्ठ वाणी संवाददाता की रिपोर्ट

वाराणसी: गौना की बारात लेकर रंगभरी की पूर्व संध्या पर मंगलवार को महंत आवास पहुंचने पर बाबा की बारात स्वागत का फल, मेवा और मिश्राम्बु की खास ‘रंगभरी ठंडई’ से पारंपरिक स्वागत किया गया। गौरा का गौना कराने बाबा विश्वनाथ के आगमन पर अनुष्ठान का विधान शिवाचार्य पं. ज्योति शंकर त्रिपाठी एवं पं. श्रीशंकर त्रिपाठी ‘धन्नी महाराज’ के संयुक्त आचार्यत्व में किया गया।

दीक्षित मंत्रों से बाबा का अभिषेक करने के बाद वैदिक सूक्तों का घनपाठ किया गया। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ कुलपति तिवारी के सानिध्य एवं पं. वाचस्पति तिवारी के संयोजन में विविध अनुष्ठान हुए। बाबा विश्वनाथ व माता पार्वती की गोदी में प्रथम पूज्य गणेश की रजत प्रतिमाओं को एक साथ सिंहासन पर विराजमान कराया गया। पूजन-आरती कर भोग लगाया गया। महिलाओं और नगर के कलाकारों ने मंगल कामनाओं से परिपूर्ण पारंपरिक गीत लोकनृत्य से ससुराल पहुचे काशी पुराधिपती का स्वागत हुआ।

मंहत आवास गौने के बधाई गीतों से गुंजायमान हो उठा।  इस अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ महाकाल डमरू सेवा समिति के सदस्यों ने मनोज अग्हरि के नेतृत्व में डमरुओं की गर्जना की। शिव बारात समिति के दिलीप सिंह , मैं ब्राह्मण हूँ (समिति) परिवार से अध्यक्ष अजीत त्रिपाठी , मनोज शुक्ल और अनुराग पाण्डेय ने बाबा की आरती उतारी।

रंगभरी एकादशी पर 24 मार्च को बाबा के पूजन का क्रम ब्रह्म मुहूर्त में मंहत आवास पर आरंभ होगा। बाबा के साथ माता गौरा की चल प्रतिमा का पंचगव्य तथा पंचामृत स्नान के बाद दुग्धाभिषेक किया जाएगा।

सुबह पांच से साढ़े आठ बजे तक 11 वैदिक ब्रह्मणों द्वारा षोडशोपचार पूजन पश्चायत फलाहार का भोग लगा महाआरती की जाएगी। दस बजे चल प्रतिमाओं का राजसी शृंगार एवं पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे भोग आरती के बाद के बाबा का दर्शन आम श्रद्धालुओं के खोला जाएगा। सायं पौने पांच बजे बाबा की पालकी की शोभायात्रा टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर तक निकाली जाएगी।

इससे पूर्व प्रात: साढ़े दस बजे से शिवांजलि संगीत समारोह का परंपरागत आयोजन  होगा। इसमें संजीव रत्न मिश्र , कन्हैया दुबे (के.डी.) के संयोजन अमित त्रिवेदी के रुद्रनाद बैंड के कलाकारों के आलावा डॉ.अमलेश शुक्ल, कन्हैया दुबे, स्नेहा अवस्थी, अनुराधा सिंह आदि कलाकार सांगीतिक प्रस्तुतियां देंगे। कोरोना के खतरों को देखते हुए शिवांजलि के प्रारूप को परिवर्तित कर दिया गया है।

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