बालिकाओं के द्वारा बाल विवाह का किया जा रहा विरोध

बालिकाओं के द्वारा बाल विवाह का किया जा रहा विरोध

रिपोर्टर: दीपक कुमार सिंह

वाराणसी/चोलापुर: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में बाल विवाह की रोक के लिए स्वयं बालिकाएं आ रही है सामने जहां पर बच्चियां अब स्वयं ,जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस तथा चाइल्ड लाइन को फोन कर अपने बाल विवाह को रोकने की जानकारी देने लगी है, दिनांक 20 फरवरी को चोलापुर थाने के अंतर्गत प्रीति काल्पनिक नाम की बालिका ने पुलिस को फोन करके बताया कि उसके पिता जी उसकी शादी मुरादाबाद करने जा रहे है, वहा से कुछ लोग उसके घर आए हुए, बालिका की उम्र 15 वर्ष थी जबकि जिसके साथ उसके पिता जी विवाह करने जा रहे थे उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष थी, बालिका के सूचना देते ही चोलापुर थानाध्यक्ष ने तत्काल संज्ञान लिया तथा बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह को रात में ही फोन करके पूरी घटना बताई ।

पुलिस तत्काल बालिका के घर पहुंची वहां पर मुरादाबाद से तीन लोग आए हुए थे ,उन तीनो तथा बालिका के पिता को पुलिस तत्काल रात में ही थाने पर लेकर आई ,बालिका से बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा दूरभाष के माध्यम से बात हुई, बालिका काफी सहमी हुई थी उसकी हिम्मत की सराहना करते हुए उसे समझाया गया, दूसरे दिन सुबह जिला बाल संरक्षण इकाई से आकाश मिश्रा तथा विजय चौहान चोलापुर थाने पहुंचे ,वहा पर पिता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराते हुए , बालिका को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मनोज मिश्रा के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।

बाल कल्याण समिति के समकश बालिका की मां तथा बाल कल्याण पुलिस अधिकारी अनुराग मिश्रा ने बालिका को प्रस्तुत किया । काउंसलिंग के दौरान बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह को बालिका ने बताया कि गांव में कुछ लोग मुरादाबाद से आए थे जो अपने बेटे की शादी के लिए लड़की तलाश रहे थे , उन लोगो ने कहा कि जो भी अपनी बेटी की शादी करेगा हम लोग उसका घर बनवा देंगे तथा साथ ही उसे पैसा भी देंगे , मेरे पिता जी कई लोगो के घर मुरादाबाद से आए हुए लोगो को लेकर गए लेकिन कोई शादी करने को तैयार नहीं हुआ तो फिर मेरे पिताजी ने कहा कि मैं ही अपनी बेटी की शादी कर देता हूं और रात में ही मुरादाबाद से आए हुए लोगों को लेकर मेरे घर आ गए तथा मेरी शादी की बात उनसे करने लगे , जब मैंने यह बात सुनी तो तत्काल पुलिस को फोन लगाकर सूचना दे दी क्यों कि मै अभी पढ़ना चाहती हूं ।मेरे घर में मेरी बुआ तथा चाचा मेरे से बड़े है उनकी अभी तक शादी नहीं हुई ,लेकिन मेरे पिता मेरी शादी करने जा रहे थे ,लड़का भी काफी बड़ा था ,तथा मुझे अभी पढ़ाई करनी थी इसलिए मैंने खुद आगे आकर सूचना दे दिया ।
पिता द्वारा इस तरह का कार्य किए जाने के कारण चोलापुर पुलिस ने FIR कर के पिता को जेल भेज दिया।


प्रकरण नंबर 2 में एक बालिका खुशी काल्पनिक नाम उम्र 16 वर्ष निवासी कानूडीह ने जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार को रात में फोन करके सूचना दिया कि उसके पिता उसका विवाह करने हेतु दिल्ली लेकर जा रहे है आज कभी भी उसे लेकर जा सकते , राजकुमार ने तत्काल ये सूचना बाल सरक्षण अधिकारी को बताया, बाल संरक्षण अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर चाइल्ड लाइन टीम से संतोष , जिला बाल संरक्षण इकाई से राजकुमार तथा विजय चौहान एवं चांदमारी चौकी से पुलिस की टीम को बालिका के घर भेजा वहां पर जाकर टीम के सदस्यों द्वारा बालिका के पिता को घर छोड़कर कहीं भी बाहर ना निकलने हेतु पाबंद किया गया तथा सुबह बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां पर बालिका तथा उसके परिवार वालों की काउंसलिंग की गई बालिका के बालिग ना होने की दशा में अगर उसका विवाह घर वालों के द्वारा किया जाता है तो उनके विरुद्ध कार्यवाही करने को कहा गया, माता पिता से वचन पत्र भरवाते हुए बालिका को माता पिता की अभिरक्षा में दिया गया तथा हर 15 दिन पर जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बालिका का फालोअप किया जाएगा ।

बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह ने बताया कि महिला कल्याण विभाग ,पुलिस विभाग व शिक्षा विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों का असर है कि उक्त दोनों प्रकरण में बालिकाओं ने हिम्मत का परिचय देते हुए स्वय को बाल विवाह के दंश से बचाया है तथा समाज की बहुत सारी बालिकाओं को संदेश दिया है कि अपने लिए उन्हे खुद आगे आना होगा, अगर बच्चो के साथ कुछ भी ग़लत होता है तो उसकी तत्काल सूचना चाइल्ड लाइन 1098, पुलिस हेल्प लाइन नंबर 112 तथा जिला बाल संरक्षण इकाई में बाल संरक्षण अधिकारी के नंबर 8840830673 पर दे सकती है ,प्रशासन पूरी तरह से बच्चो के सुरक्षा के लिए तत्पर है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *