प्रतापगढ़/वशिष्ठ वाणी। प्रतापगढ़ में विकास कार्यों की धीमी प्रगति को लेकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. दिव्या मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले एवं बिना सूचना अनुपस्थित रहे ग्राम पंचायत सचिवों पर सख्त कार्रवाई की गई।

समीक्षा में गौरा और पट्टी विकास खंड के तीन ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने को कहा गया है।

गौरा विकास खंड में सचिव रणजीत एवं पूनम यादव द्वारा फैमिली आईडी निर्माण में रुचि न लेने और कार्य में लापरवाही बरतने पर उनका वेतन अवरुद्ध कर दिया गया। वहीं पट्टी विकास खंड में सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा गौआश्रय स्थलों की धनराशि हस्तांतरण में लापरवाही पाए जाने पर उनका भी वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।

कुण्डा विकास खंड की समीक्षा में सचिव प्रभुनाथ प्रसाद द्वारा ई-केवाईसी (केवल 22 प्रतिशत) एवं फैमिली आईडी लक्ष्य की अत्यंत कम पूर्ति (लक्ष्य 220 के सापेक्ष मात्र 38) पाए जाने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।

बिहार विकास खंड में सचिव अनुराग यादव की प्रगति असंतोषजनक मिलने पर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

बाबागंज विकास खंड की समीक्षा के दौरान सचिव धीरेन्द्र शुक्ला, संजय कुमार जायसवाल और सुनील कुमार बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। तीनों की कार्य प्रगति भी अत्यंत खराब मिलने पर खंड विकास अधिकारी बाबागंज को इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने सभी खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत सचिवों की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर मनरेगा, ई-केवाईसी और फैमिली आईडी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो और भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में पीडी डीआरडीए दयाराम यादव, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार सिंह, उपायुक्त स्वतः रोजगार देव कुमार सहित सभी एडीओ पंचायत उपस्थित रहे।