पश्चिम बंगाल में हुए कोयला घोटाले की जांच करने सीबीआई पहुची डीडीयू नगर

पश्चिम बंगाल में हुए कोयला घोटाले की जांच करने सीबीआई पहुची डीडीयू नगर

संवाददाता रंधा सिंह

चंदौली। पश्चिम बंगाल के कोयला खदान में हुए भ्रष्टाचार की तार जुड़ने की भनक मिलते ही एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी डीडीयू नगर चंधासी में सीबीआई ने डाला डेरा। अब तक की सीबीआई द्वारा किये गए जांच में आरोपों की पुष्टि भी हो चुकी है। इसी आधार पर कोयले की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में दो व्यवसायियों के खिलाफ मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। जबकि दिल्ली से आई सीबीआई की चार सदस्यीय टीम नगर में डेरा डाले हुए है और कोयला मंडी में तथ्यों को खंगाल रही है।

पश्चिम बंगाल स्थित कोयला खदानों से अवैध तरीके से कोयला निकालकर बेचे जाने के मामले में जांच के दौरान झारखंड से आई सीबीआई की टीम ने कई यहा के कई व्यापारियों दस्तावेज जब्त किए थे। इसके बाद सीबीआई ने दो व्यापारियों को कोलकाता पूछताछ के लिए बुलाया था। इस मामले में मुगलसराय कोतवाली में दो कोयला व्यवसायियों के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है। जिसकी जांच करने दिल्ली से सीबीआई की चार सदस्यीय टीम आई हुई है।

सूत्र बतातें हैं कि पिछले तीन से सीबीआई टीम के अधिकारी पूरे खेल की तह तक जाने में जुटे हुए हैं। बता दें कि पिछले दिनों कस्टम की टीम ने भी विदेशी कोयले को खरीदने और फर्जी तरीके से नेपाल भेजने के मामले में कई व्यापारियों के यहां दस्तावेज खंगाले थे।सीबीआई और कस्टम की छापेमारी के बाद से कोयला मंडी का व्यापार संदेह के दायरे में आ गया है। कोलमंडी के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। दरअसल झारखंड के धनबाद और पश्चिम बंगाल के आसनसोल, पुरुलिया, बांकुरा रेंज में कोयले की खदानें भरी पड़ी हैं। यहां पर कई ऐसी खदानें हैं जो बिना टेंडर के ऐसे ही पड़ी हुई हैं या बंद पड़ी हुई हैं. जानकारों की माने तो ईसीएल की खदानें भी यहां हैं।

इस अवैध कोयले का व्यापार अरबों रुपये का माना जाता है। सीबीआई ने 27 नवंबर, 2020 को ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के कई अफसरों और कर्मचारियों के साथ ही सीआईएसएफ और रेलवे के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था साथ ही मामले में बंगाल के कई बड़े सफेदपोश के भी नाम प्रकाश में आए हैं।

आरोप है कि ईसीएल, सीआईएसएफ, भारतीय रेलवे और संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से ईसीएल के लीजहोल्ड क्षेत्र से कोयले की चोरी की गई। सीबीआई की यह एफआईआर मई, 2020 में ईसीएल के कई लीज एरिया पर टास्क फोर्स की रेड के बाद दर्ज की गई थी। इसी कड़ी को जोड़ते हुए सीएबीआई की टीम चंधासी कोल मंडी तक पहुंची थी।

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