सीएम के आगमन से पहले पुलिस की नजरें ढूढ़ती हैं एक भूत

सीएम के आगमन से पहले पुलिस की नजरें ढूढ़ती हैं एक भूत

वाराणसी/चिरईगांव: जनपद में जब भी पीएम, सीएम या अति विशिष्ट व्यक्ति के आने का कार्यक्रम निर्धारित होता है। तो जिला प्रशासन आथित्य आवभगत व निगहबानी में जुट जाता है। लेकिन वाराणसी जनपद में अतिविशिष्ट अतिथि के आगमन से पहले सभी तैयारियों के पहले एक भूत को खोजना पड़ता है। जो पीएम सीएम या अतिविशिष्ट अतिथि को वाराणसी की बीच सड़कों पर संकट पैदा कर देता है। जी हां वो भूत कोई और नहीं स्थानीय विकास खण्ड के ग्राम पंचायत छितौनी  निवासी संतोष मूरत सिंह मैं जिंदा हूं हैं।

सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित हो चुके मूरत सिंह स्वंय को जिंदा साबित करने के लिए कचहरी से लगायत दिल्ली तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभिलेखों जिंदा घोषित नहीं हो पाए हैं। वाराणसी में जब भी कोई वीआईपी होता है तो मूरत सिंह मैं जिंदा की गुहार लगाने पहुँचते हैं। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर सुरक्षा कर्मी उनसे मिलने नहीं देते। ऐसी स्थिति में मूरत सिंह एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के काफिले में सीएम से मिलने दौड़ पड़े थे। जिसे पुलिस के आला अफसरों ने सुरक्षा में चूक माना था।तक से जब भी कोई वीआईपी जनपद में होता है तबतक मैं जिंदा हूँ मूरत सिंह पुलिस की कस्टडी में होते हैं।

एक बार फिर सीएम का कार्यक्रम वाराणसी में तय है।तो स्थानीय पुलिस चौकी पर बुलाकर मैं जिंदा उर्फ मूरत सिंह को बैठा लिया गया है। उसे तभी छोड़ा जाता है जब आने वाला विशिष्ट व्यक्ति जिले से वापस चला जाता है। इस बाबत संतोष सिंह का कहना है कि हमें 41 वीं बार यहां बुलाया गया है। आज भी मुझे सूचना देकर पुलिस चौकी जाल्हूपुर पर ही रहने को कहा गया है। मुझे 41 वी बार पुलिस ने बुला कर यहां बैठाया है।

मैं जिंदा हूँ मूरत सिंह पुलिस चौकी जाल्हूपुर

रिपोर्टर:-प्यारे लाल यादव चिरईगांव वाराणसी

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