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रांची में सरकार बनाने का रण जारी, चार्टर्ड विमान से हैदराबाद जाएंगे विधायक

Jharkhand Politics News: झारखंड की राजधानी रांची में सरकार बनाने का रण जारी है. चंपई सोरेन के राजतिलक में देरी हो रही है.  22 घंटे के बाद भी राज्य में अभी तक नई सरकार का गठन नहीं हो सका है.

झारखंड की राजधानी रांची में सरकार बनाने का रण जारी है. चंपई सोरेन के राजतिलक में देरी हो रही है.  22 घंटे के बाद भी राज्य में अभी तक नई सरकार का गठन नहीं हो सका है. हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद चंपई सोरेन को झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल का नेता चुना गया है. कल से आज तक चंपई सोरेन दो बार राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हे सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है. 

राजभवन से लौट गए चंपई सोरेन

झारखंड राजभवन से विधायक दल के नेता चंपई सोरेन के लौटने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. चंपई सोरेन आज यानी गुरुवार शाम को 5.30 बजे दूसरी बार राज्यपाल राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन से मिले. उनके साथ कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम समेत चार विधायक भी मौजूद थे. चंपई सोरेन ने राज्यपाल को  विधायकों को वीडियो दिखाया और सरकार बनाने का दावा पेश किया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने कल तक का समय मांगा है. कल कोई फैसला लेंगे. 

महागठबंधन के विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है

इस बीच महागठबंधन के विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है. विधायक बस में सवार होकर सर्किट हाउस से निकल गए हैं. विधायक रांची एयरपोर्ट से दो चार्टर्ड प्लेन से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद जाएंगे. विधायकों को टूट से बचाने के लिए ये कवायद हो रही है. वो रांची एयरपोर्ट से चार्टड विमान से हैदराबाद के लिए रवाना होगा. सूत्रों की मानें तो रांची एयरपोर्ट पर दो चार्टर्ड विमान इंतजार कर रहे हैं. एक विमान 33 सीटर और दूसरा विमान 12 सीटर है. 12 सीटर विमान में मंत्री सवार होंगे. इसके अलावा हैदराबाद एयरपोर्ट पर 2 बसें भी तैयार खड़ी हैं, जो कि विधायकों को बैठाकर सीधे होटल ले जाएगी. 

‘ऑपरेशन कमल’ की आहट

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन मंत्री करमवीर सिंह ने बैठक की है. ये बैठक सूबे के राजनीतिक हालातों को देखते हुए बुलाई गई. झारखंड में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद अब राज्य में ‘ऑपरेशन कमल’ की आहट दिखने लगी है. सत्तारूढ़ गठबंधन को अपने विधायकों में टूट की डर से उन्हें तेलंगाना भेजने की तैयारी में है. 

महागठबंधन के पास 47 विधायक

बता दें कि झारखंड में सराकर बनाने के लिए 41 विधायकों की जरूरत होती है. 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में फिलहाल महागठबंधन (झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, वाम दल और राजद) के विधायकों की संख्या 47 है. वहीं, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के पास 30 विधायक हैं. 

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