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Ayodhya Ke Ram: अयोध्या में खास पूजा करेंगे PM मोदी, जानें कार्यक्रम की Detail

Ayodhya Ke Ram: 22 जनवरी को अयोध्या में रामममला अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान होंगे. इस दौरान पीएम मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और पूजा करेंगे.

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर का भव्य उद्घाटन होना है. इस भव्य समारोह में पीएम मोदी यजमान होंगे. पीएम मोदी के अयोध्या (Ayodhya) के सरकारी कार्यक्रम की डिटेल सामने आ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सोमवार 22 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और पूजा करेंगे. दोपहर को 1 बजे वो सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. दोपहर को सवा 2 बजे पीएम मोदी कुबेर टीला पर शिव मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे. 

पीएम मोदी का व्रत

जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी 22 जनवरी को व्रत रखेंगे. बताया जा रहा है कि ये व्रत राम मंदिर से जुड़े अनुष्ठान में शामिल होने के लिए रखा जाएगा. 22 जनवरी को मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा मंत्रोच्चार के साथ की जाएगी. ये पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी व्रत रखेंगे, इससे पहले 5 अगस्त 2020 को जब राम मंदिर का भूमि पूजन समारोह हुआ था तो उस समय भी पीएम मोदी ने व्रत रखा था.

खास होगा समारोह 

पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का भूमि पूजन किया था, अब रामलला स्थायी रूप से मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं, हालांकि गर्भगृह तक वो पहले ही पहुंच चुके हैं. अयोध्या में  22 जनवरी को होने वाला कार्यक्रम बेहद खास होने वाला है. अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य द्वार पर हाथी, शेर, भगवान हनुमान और ‘गरुड़’ की अलंकृत मूर्तियां स्थापित की गई हैं. इन मूर्तियों को मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों के दोनों ओर लगाए गए स्तरीय फलकों पर स्थापित किया गया है. निचले फलक पर हाथी की एक-एक मूर्ति है, दूसरे स्तर पर शेर की एक मूर्ति है और सबसे ऊपर वाले फलक पर, भगवान हनुमान की मूर्ति एक तरफ है जबकि दूसरी तरफ ‘गरुड़’ की मूर्ति है.

161 फीट ऊंचा मंदिर

अयोध्या में 3 मंजिला राम मंदिर का निर्माण इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा. पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर परिसर 380 फीट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा. मंदिर की प्रत्येक मंजिल 20 फीट ऊंची होगी, इसमें कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे. मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का कहना है कि अभी भूतल का निर्माण हुआ है, पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा. मिश्रा ने कहा कि वो मंदिर के कम से कम 1,000 साल तक टिकने की उम्मीद कर रहे हैं. 

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