Fri. Feb 23rd, 2024

ED की जांच पर आतिशी का बयान, कहा- अरविंद केजरीवाल को ”खत्म” करना चाहते हैं पीएम मोदी

Kejriwal

Arvind Kejriwal: दिल्ली की मंत्री आतिशी ने बुधवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री और आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को ”खत्म” करना चाहते हैं।उनकी टिप्पणी तब आई जब दिल्ली की एक अदालत ने अब खत्म हो चुकी दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बार-बार समन का जवाब नहीं देने के लिए आप सुप्रीमो के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर सुनवाई की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आतिशी ने कहा, “अब, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ईडी की छापेमारी बिना किसी मामले या प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ECIR) या तलाशी के की जा रही है।”

मंगलवार को जांच एजेंसी ने केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार, राज्यसभा सदस्य एनडी गुप्ता और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के पूर्व सदस्य शलभ कुमार सहित कई वरिष्ठ AAP नेताओं के परिसरों पर दिल्ली-एनसीआर में 12 स्थानों पर छापेमारी की थी।हालांकि यह छापेमारी दिल्ली शराब नीति मामले के संबंध में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए जांच एजेंसी द्वारा जारी पांचवें समन में केजरीवाल के शामिल नहीं होने के कुछ दिनों बाद हुई।

मंगलवार को हुई इस छापेमारी के संबंध में आतिशी ने दावा किया कि ईडी के अधिकारी  बिभव कुमार के आवास पर छापा मारने पहुंचे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी तलाशी लेने के बजाए उनके घर के ‘लिविंग रूम’ में बैठे रहे। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने बुधवार को यह दावा किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने किसी कमरे की तलाशी नहीं ली और न ही कोई दस्तावेज खंगाला। आतिशी ने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों ने यह तक नहीं बताया कि वह किस मामले की जांच करने के लिए पहुंचे थे।

उन्होंने कहा, “अधिकारियों ने किसी कमरे की तलाशी नहीं ली और न ही किसी दस्तावेज़ की तलाश की। उन्होंने यह बताने की भी जहमत नहीं उठाई कि वे किस मामले के सिलसिले में वहां गए थे।” मंत्री ने कहा आगे कहा, ‘पंचनामा’ दस्तावेज़ से पता चला कि ईडी टीम कुमार के घर से केवल दो जीमेल अकाउंट डाउनलोड और तीन पारिवारिक फोन अपने साथ ले गई। क्या यह देश की प्रमुख जांच एजेंसी है? क्या यह देश की एजेंसी है जिसका काम आतंकवाद और नशीले पदार्थों कके व्यापार ाके लिए मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना है? क्या यह वह एजेंसी है जिसमें सरकार ने हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है?” 

आतित्शी ने कहा, “ईडी का इस्तेमाल केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए किया जा रहा है और नंबर एक प्रतिस्पर्धी केजरीवाल हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी की छापेमारी और कुछ नहीं बल्कि केजरीवाल को दबाने के लिए उन पर किया गया एक हमला है क्योंकि एक वहीं हैं, जिन्होंने खुलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनौती दी है।

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