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Atal Setu: PM मोदी करेंगे देश के सबसे लंबे समुद्री पुल का उद्घाटन, जानें इसकी खासियतें 

अटल सेतू

Longest Sea Bridge of India: हिंदुस्तान का सबसे लंबा समुद्री पुल बनकर तैयार है. 12 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 किलोमीटर लंबे इस पुल का उद्घाटन करेंगे. यह समुद्री मुंबई से नवी मुंबई को आपस में जोड़ने का काम करेगा. इस पुल के बनने से दक्षिण मुंबई से नवी मुंबई की दूरी को बड़ी आसानी से तय की जा सकेगी. भारत में बने इस पुल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस पुल के नीचे से दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक जहाज को भी पास कराया जा सकता है.

पूर्व पीएम के नाम पर है पुल का नाम

इस पुल का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व: श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है. मुंबई में बने इस समुद्र पुल का पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेई शिवडी न्हावाशेवा अटल सेतु है. 12 जनवरी को इस पुल पर गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी.

आपको बता दें कि इस पुल का बनाने की योजना 1970 के दशक में बनाई गई थी. 2017 में इस पुल का काम शुरू हुआ. 2022 में इसे बनकर तैयार हो जाना चाहिए लेकिन कोविड की वजह से इसका काम देरी से पूरा हो पाया. एक अनुमान के मुताबिक इस पुल के जरिए प्रतिदिन 70 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही का अनुमान लगाया गया है.

!आसान होगा सफर

इस पुल के जरिए लोगों का सफर आसान हो जाएगा. मुंबई से नवी मुंबई या फिर नवी मुंबई से मुंबई जाने में बस 20 से 25 मिनट का समय लगेगा. इस पुल के जरिए सफर तय करने से लोगों का 1.5 से 2 घंटे का समय बचेगा. साथ ही ईंधन की बचत भी होगी.

20,000 करोड़ की लागत से बना है 6 लेन वाला यह पुल

एक अधिकारी ने बताया कि इस पुल को बनाने में लगभग 20,000 करोड़ रुपये की लागत लगी है. यह पुल  पुल मुंबई के सेवरी से शुरू होकर, रायगढ़ जिले के उरण तालुका के न्हावा शेवा में खत्म होता है. यह पुल 6 लेन समुद्री लिंक है.  समुद्र पर 16.50 किलोमीटर और भूमि पर 5.5 किलोमीटर तक इसका विस्तार है.

100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम स्पीड

इस पुल पर अधिकतम गति सीमा को भी निर्धारित की गई है. मुंबई पुलिस की ओर से इस पुल पर अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसकी जानकारी मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने दी. इस पुल पर मोटरबाइक, ऑटो रिक्शा और ट्रैक्टर को इस पुल पर लेकर नहीं जाया जा सकता है. पुल पर यू-टर्न के लिए जो जगह बनाई गई है उसकी बैरिकेडिंग भी शानदार और बेहद खास तरीके से बनाई गई है.

सीसीटीवी कैमरों से लैस है पुल

22 किलोमीटर इस लंबे समुद्री पुल में 190 से अधिक AI कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की मदद से की चीजों का पता लगाया जा सकता है जैसे – कहीं कोई गाड़ी तो नहीं खराब हो गई, कोई गलत लेन से तो नहीं जा रहा है, पुल पर कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हो रही है. अगर ऐसी कुछ  अजीब घटना इस पुल पर होती है तो एआई कैमरे तुरंत कंट्रोल रूम को इसकी खबर देंगे. पुल पर नजर बनाए रखने के लिए 12 स्पीड कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. एआई कैमरों की मदद से अधिक स्पीड में चलने वाली गाड़ियों का चालान काटा जाएगा.

देगा होगा 250 रुपये का टोल

मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाले इस समुद्र पुल पर चढ़ने के लिए 250 रुपये का टोल टैक्स देना होगा.  हालांकि, इस पुल के जरिए लोगों को समय और ईंधन बचेगा. बांद्रा वर्ली सी लिंक से इस पुल को जोड़ने के लिए शिवडी वर्ली कनेक्ट रोड बनाई जा रही है.

लगा है साउंड बैरियर

समुद्र में बने इस पुल में साउंड बैरियर भी लगाया गया है. दरअसल, समुद्र के जिस हिस्से में यह पुल बना है वहां हर सास ठंड के मौसम में  फ्लेमिंगो पक्षी आते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए साउंड बैरियर लगाया गया है ताकि ध्वनि प्रदूषण को कंट्रोल किया जा सका.

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