आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी, संभालती हैं एक साथ कई जिम्मेदारियां

आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी, संभालती हैं एक साथ कई जिम्मेदारियां

संवाददाता प्रदीप दुबे

गाजीपुर: स्वास्थ्य विभाग में जन समुदाय के लिए अनेकों कार्यक्रम व योजनायें चलाई जा रही हैं जिससे आमजन को लाभ पहुंच सके। इन गतिविधियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी। मौजूदा समय में चल रही योजनाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने मे लगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवतीपुर के अंतर्गत आने वाले नवली उपकेंद्र की आशा संगिनी पूनम सिंह से बात की और जानने का प्रयास किया कि वह योजनाओं को अपनी टीम के साथ कैसे आम जन तक कैसे पहुंचा रही हैं।

आशा संगिनी पूनम सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत दस्तक अभियान चल रहा है। जिसमें मुख्य रुप से क्षय रोग के मरीजों का चिन्हीकरण के साथ ही आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाए जाने को लेकर विभाग द्वारा जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके टीम की आशा कार्यकर्ता प्रत्येक दिन 10 घरों में जाती है और उन घरों की क्रास चेकिंग कर उनके परिवार में यदि कोई किसी भी बीमारी से पीड़ित है तो उनका चिन्हीकरण करती हैं। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान में आशा कार्यकर्ताओं की 20 सदस्यीय टीम के द्वारा करीब 250 गोल्डन कार्ड बनवाए जा चुके हैं।

उन्होंने इस दौरान कई तरह की समस्याओं के भी खुलकर बात की और बताया कि पूर्व में कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा बनाए गए गोल्डन कार्ड जो अब तक लाभार्थियों को अभी तक नहीं मिला है। उसके चलते काफी परेशानी आ रही है। लेकिन अब टीम के द्वारा लाभार्थियों को चिन्हित कर सप्ताह में एक दिन उप केंद्र पर डाटा ऑपरेटर को बुलाया जाता है, और डाटा ऑपरेटर आशुतोष सिंह द्वारा उनके गोल्डन कार्डों को जनरेट भी कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवली गांव में गृह भ्रमण के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिससे कभी कभी निराशा होती है लेकिन हम सभी समस्याओं से उबर कर कार्य करने के लिए तत्पर रहती हैं। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के तहत अब तक 10 क्षय रोग के मरीजों को चिन्हित किया गया है। इसके लिए पहले उनका सर्वे किया गया जिसमें दो सप्ताह से ज्यादा बुखार, खांसी, भूख ना लगना और वजन लगातार कम होने की शिकायत पर उनके बलगम की जांच कराई गई और जांच उपरांत उन मरीजों को चिन्हित किया गया।

आशा संगिनी ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चल रहे विभिन्न योजनाओं में प्रोत्साहन राशि देकर हौसला अफजाई किया जाता है जिसमें आशा को प्रसव के उपरांत ₹600, नसबंदी पर ₹300 ,नियमित टीकाकरण होने पर ₹150, क्षय रोगी मिल जाने और दवा खिलाने के उपरांत ₹1000 विभाग के द्वारा दिया जाता है। प्रोत्साहन राशि से आशा बहनों का मनोबल बढ़ता है जिससे वह महिला नसबंदी, प्रसव के साथ ही गर्भनिरोधक संसाधनों को जन समुदाय में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने कार्य करती हैं ।

महिला दिवस पर ब्लॉक की ही बीपीएम बबीता सिंह को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा सम्मानित भी किया गया। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के चलते वह लोग सर्वे के दौरान लोगों से दूरी बनाकर, मास्क लगाकर और कोई भी क्षय रोग का मरीज चिन्हित होता है तो उसकी रिपोर्ट आने के बाद भी उसे उसकी बीमारी के बारे में नहीं बताया जाता बल्कि उसकी तत्काल दवा शुरू कराई जाती है।

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