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अमित शाह ने दिए बड़े बदलाव के संकेत

Amit-Shah प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

Amit-Shah प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली: एक प्रिंट मीडिया के मुताबिक, गुजरात के गांधीनगर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) में एक संबोधन के दौरान अमित शाह ने कहा कि थर्ड डिग्री टॉर्चर के दिन अब खत्म हो गए हैं। पुलिस की जांच-पड़ताल वैज्ञानिक सबूत और साक्ष्‍य के आधार पर होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सीआरपीसी, आईपीसी और आईईए को आधुनिक बनाने और उसमें आज के हिसाब से बदलाव लाने की योजना बना रही है।

गृह मंत्री ने इस दौरान गृह मंत्री ने एक प्रस्ताव देते हुए कहा कि 6 या इससे ज्यादा की सजा वाले किसी भी अपराध में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेरा बहुत पुराना सुझाव रहा है कि 6 साल के ऊपर सजा वाले सभी अपराधों में फॉरेंसिक साइंस का विजिट अनिवार्य करना है। दिखने में तो बहुत सुनहरा सपना है , लेकिन मेनपावर कहां हैं।

अमित शाह ने कहा कि मैं कई बार कह चुका हूं कि अब थर्ड डिग्री के दिन जा चुके हैं। पूछताछ… वैज्ञानिक सबूत के जरिए किसी कठोर व्यक्ति को भी तोड़ा जा सकता है और अगर फॉरेंसिक काम ठीक से हो तो उसे आरोपी भी बनाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि देश के हर जिले या प्रत्‍येक पुलिस रेंज में कम से कम एक एफएसएल मोबाइल वैन होनी चाहिए।

गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अभी एक बहुत बड़ा संवाद कर रही है कि हम सीआरपीसी, आईपीसी और एविडेंस एक्ट… तीनों में आमूल चूल परिवर्तन करना चाहते हैं, आज के समय के हिसाब से उसको हम आधुनिक बनाना चाहते हैं। शाह ने कहा कि मैंने कई बार दोहराया है कि थर्ड डिग्री के दिन पूरे हो गए है पूछताछ, वैज्ञानिक सबूत के जरिए किसी कठोर व्यक्ति को भी तोड़ा जा सकता है और अगर फॉरेंसिक काम ठीक से हो, तो उसे आरोपी बनाया जा सकता है।

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