अभ्युदय एक कोचिंग सेंटर मात्र नहीं है, यह जीवन निर्माण की एक नई शुरुआत हैं: मुख्यमंत्री

अभ्युदय एक कोचिंग सेंटर मात्र नहीं है, यह जीवन निर्माण की एक नई शुरुआत हैं: मुख्यमंत्री

  • ओडीओपी की तर्ज पर अभ्युदय योजना को भी लोकप्रिय बनाएंगे-सीएम
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए प्रदेश सरकार ने अति महत्वाकांक्षी “अभ्युदय योजना” की, कि शुरुआत बसंत पंचमी से चलेंगी क्लासे
  • प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों पर अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी
  • आगामी दिनों में अभ्युदय योजना का जिला स्तर पर भी होगा विस्तार-मुख्यमंत्री
  • पहले चरण में 50 हजार छात्र-छात्राओं का किया गया है चयन
  • महज 5 दिनों में 40 लाख से अधिक लोगों ने अभ्युदय वेबसाइट को देखा, 06 लाख लोगों ने कराया पंजीकरण
  • अभ्युदय योजना के कोचिंग में विषय विशेषज्ञों के अलावा कमिश्नर, डीएम सहित जिले के आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीसीएस अधिकारी भी लेंगे क्लास
  • अभ्युदय योजना के प्रथम चरण जिन बच्चों का सिलेक्शन अभी नहीं हुआ है, उनको निराश होने की जरूरत नहीं है, उनके लिए भी वर्चुअल व्यवस्था होगी-योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग की अति महत्वाकांक्षी “अभ्युदय योजना” की आज सोमवार को विधिवत शुरुआत करते हुए इसे प्रदेश के युवाओं को समर्पित किया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा अभ्युदय योजना की शुरुआत अभी प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों पर किया गया है, जिसका आगे जिला स्तर पर भी विस्तार किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की पंक्ति का उद्धरण करते हुए कहा कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।

योजना 2

इस अभ्युदय योजना की शुरुआत करने की मंशा को जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कॉल के दौरान कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं का तैयारी कर रहे बच्चों को वहा पर लॉकडाउन के दौरान फसने और वहां से उनको निकाल कर उनके घरों को भेजने के दौरान उनकी तड़प को देखकर मन में ख्याल आया कि क्यों न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को प्रदेश में ही उनके घरों के पास कोचिंग की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जबकि पिछले यूपीएससी की परीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश के अपेक्षाकृत कम युवाओं को सफल होने होने पर भी प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराए जाने का ख्याल मन में आया। ताकि उत्तर प्रदेश से अधिक से अधिक युवा बड़ी-बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

योजना 1

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर प्रदेश सरकार विशेष ध्यान दे रही है। 90 हजार प्राथमिक विद्यालयों को कायाकल्प योजना से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश प्रतिभाओं की धरती है, तो हमारे प्रतिभाशाली बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में कैसे पिछड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभ्युदय योजना के प्रथम चरण में 50 हजार बच्चों का सेलेक्शन हुआ है। जिन बच्चों का सिलेक्शन अभी नहीं हुआ है, उनको निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि उनके लिए भी वर्चुअल व्यवस्था होगी। इस कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले बच्चों का साप्ताहिक और मासिक परीक्षा भी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभ्युदय एक कोचिंग सेंटर मात्र नहीं है, यह जीवन निर्माण की एक नई शुरुआत हैं।

ओडीओपी की तर्ज पर अभ्युदय योजना को भी लोकप्रिय बनाएंगे। आगे आने वाले समय में हर प्रतियोगी परीक्षा को इससे जोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा 4 लाख नौजवानों को पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी की व्यवस्था के तहत नौकरियां दिया जा चुका है। अभ्युदय योजना के तहत फिजिकल व वर्चुअल क्लास मंगलवार को बसंत पंचमी के पावन पर्व से चलेंगी। इस महत्वाकांक्षी अभ्युदय योजना वेबसाइट को इतने कम समय में ही 40 लाख लोगों ने देखा है और 6 लाख से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्युदय योजना में चयनित वाराणसी के छात्र कपिल दुबे से संवाद करते हुए प्रतियोगी परीक्षा हेतु उनके उत्साह के लिए धन्यवाद दिया तथा कहा कि भारतीय मनीषा में धर्म को कर्तव्य से जोड़कर देखा गया है। लोगों के अभ्युदय का जो मार्ग प्रशस्त करें वह धर्म है। छात्र कपिल दुबे ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि उनके मन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए युवाओं के लिए बनाये गये यह अभ्युदय कैसे आया। सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना कॉल के दौरान कोटा में फसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र- छात्राओं की अपने अपने घरों पर पहुंचने की तड़पड़ाहट का जिक्र करते हुए बताया कि उनके मन में उसी समय यह भाव आया था कि प्रदेश में ही यदि बच्चों के घरों के आसपास ही तैयारी करने की कोचिंग की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए और आज यह मूर्त रूप ले लिया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गोरखपुर की साक्षी पांडेय, प्रयागराज के शिष्या सिंह राठौर, मेरठ के हिमांशु बंसल तथा लखनऊ की प्रियांशी मिश्रा एवं अनामिका सिंह से संवाद कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हेतु शुभकामनाएं दी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, एनडीएस, सीडीएस, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए अभ्युदय योजना आरंभ की है। जिसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शुभांरभ किया।इस योजना के तहत ऐसे सभी छात्रों को निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। जो इन परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह नहीं कर पाते हैं। कोचिंग में पढ़ाई 16 फरवरी से शुरू होगी।

अभ्युदय योजना के अंतर्गत छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटैरियल के साथ ऑफलाइन कक्षाएं भी लगाई जाएंगी।
इस अवसर पर कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की। अधिकारी द्वय ने मौके पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह सौभाग्यशाली है कि उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने हेतु उच्चस्तरीय कोचिंग की सुविधा प्रदेश सरकार द्वारा मुहैया कराया जा रहा है। कमिश्नर, डीएम के साथ-साथ जिले के अन्य आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, पीपीसीएस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी सीधे क्लास लेंगे और बच्चों को अपने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद करेंगे।

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