आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 32 विभागों के लिये कुल 416.71 करोड़ रुपए की जिला योजना को हरी झंडी

आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 32 विभागों के लिये कुल 416.71 करोड़ रुपए की जिला योजना को हरी झंडी

  • अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु 114.81 करोड़ रुपए का परिचय प्रस्तावित किया गया
  • पूंजीगत/निर्माण कार्यों के लिए 241.07 करोड़ रुपए का परिचय प्रस्तावित किया गया है, जो कुल परिव्यय का 57.9 फ़ीसदी है

महेश पाण्डेय ब्यूरो चीफ

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के नगर विकास, शहरी समग्र विकास नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग एवं जनपद के प्रभारी मंत्री आशुतोष टण्डन ‘गोपाल जी’ की अध्यक्षता में सर्किट हाउस सभागार में आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 32 विभागों के लिये कुल 416.71 करोड़ रुपए की जिला योजना को अनुमोदित कर हरी झंडी दी गई। जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति हेतु 114.81 करोड़ रुपए का परिचय प्रस्तावित किया गया है जो कुल परिवार का 27.6 फ़ीसदी है। पूंजीगत/निर्माण कार्यों के लिए 241.07 करोड़ रुपए का परिचय प्रस्तावित किया गया है, जो कुल परिव्यय का 57.9 फ़ीसदी है।

केंद्र पुरोनिधानित योजनाओं के अंतर्गत 111.13 करोड़ की धनराशि केंद्र सरकार से उपलब्ध होगी। रोजगार हेतु 74.38 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। सोशल सेक्टर की योजनाओं हेतु कुल 69.24 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। पंचायती राज विभाग में पंचायत भवन, सीसी रोड व शौचालय हेतु 60.86 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास हेतु 59.17 करोड़ की धनराशि तथा सड़कों के नव निर्माण हेतु 45.00 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।

नगरीय पेयजल हेतु 30.98 करोड़ तथा कृषि, कृषि समवर्गीय सेवाओं एवं सिंचाई हेतु 21.20 व प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा तथा आईटीआई हेतु 20.33 करोड़ एवं स्वास्थ्य सेवाओं हेतु 17.16 करोड़ की धनराशि जिला योजना में प्रस्तावित की गई। कृषि विभाग को अनुमोदित धनराशि से बीज, रसायन, प्रदर्शन तथा उपकरणों पर कृषक को को अनुदान दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण के कार्यक्रम संपादित कराए जाएंगे। लघु सीमांत कृषकों को 48 निश्शुल्क बोरिंग हेतु 4.31 लाख रुपए अनुदान हेतु परिव्यय अनुमोदित किया गया है। दुग्ध विकास हेतु 410.61 लाख का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। इसके अंतर्गत 15 दुग्ध समिति गठन, चार डीप फ्रीजर, 20 बिजी कूलर, चार मिल्क पार्लर, 12000 डी वार्मिंग के साथ-साथ लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। व

न विभाग को 551.04 लाख का परिवेश प्रस्तावित किया गया है। प्रस्तावित परिवेश से वन विभाग द्वारा सामाजिक वानिकी योजना में अग्रिम मृदा कार्य 450 हेक्टेयर, वृक्षारोपण 257 हेक्टेयर, वृक्षारोपण अनुरक्षण 379 हेक्टेयर, 4 लाख पौध अनुरक्षण तथा 15 लाख 60 हजार पौधों उगान कार्य प्रस्तावित किया गया है। ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम में 1770.17 लाख रुपए का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1400 समूह का गठन एवं संचालन का व्यय वहन किया जाना प्रस्तावित है। मंत्री आशुतोष टंडन ने बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावो एवं सुझाव का समावेश किए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।

बैठक में एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, एमएलसी आशुतोष सिन्हा, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक कैलाशनाथ सोनकर, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने किया।

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