वाराणसी/वशिष्ठ वाणी: वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जिला जज संजीव शुक्ला के आधिकारिक ई-मेल पर गुरुवार रात करीब 1:30 बजे (कुछ रिपोर्ट्स में 1:10 बजे) धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी।

धमकी मिलते ही तुरंत कार्रवाई

जिला जज ने तत्काल सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश सिंह गौतम सहित अन्य पदाधिकारियों को सूचित किया। आपात बैठक के बाद एहतियातन न्यायालय परिसर खाली कराने का निर्णय लिया गया। वकीलों, न्यायिक कर्मचारियों और वादकारियों से तुरंत परिसर छोड़ने की अपील की गई।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त, सघन तलाशी अभियान

Varuna Zone DCP Office के डीसीपी प्रमोद कुमार और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे।

  • चैंबरों, न्यायालय कक्षों और संदिग्ध स्थानों की गहन तलाशी ली गई।
  • अधिवक्ताओं ने भी अपने-अपने चैंबरों की स्वयं जांच की।
  • साइबर सेल ने ई-मेल के स्रोत की पड़ताल शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमकी कथित रूप से तमिलनाडु से जुड़े ‘सुनिया दासन’ या ‘सन्निया दसन’ नाम से संबंधित बताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

अन्य जिलों में भी अलर्ट

यह धमकी केवल वाराणसी तक सीमित नहीं रही। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अयोध्या, मिर्ज़ापुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में भी इसी तरह के ई-मेल प्राप्त होने की सूचना है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार 18–20 स्थानों को ऐसी धमकियां मिलीं, जिसके बाद राज्य स्तर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।
दोपहर तक वाराणसी में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी, लेकिन जांच जारी है।

ऐतिहासिक संदर्भ ने बढ़ाई गंभीरता

यह घटना 23 नवंबर 2007 को हुए Varanasi court bombings की याद दिलाती है, जिसमें 9 लोगों की मृत्यु हुई थी और 50 से अधिक घायल हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस और प्रशासन इस धमकी को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।