विशेष रिपोर्ट | मालाड (मुंबई)
मुंबई: “क्या मुंबई में पुलिस का आपातकालीन नंबर 100 सिर्फ एक कागज़ी व्यवस्था बनकर रह गया है? अगर किसी बिल्डर को रात भर अवैध निर्माण चलाना हो, तो क्या केवल स्थानीय पुलिस की खामोशी ही काफी होती है?” यह सवाल आज मालाड (पश्चिम) के मीठचौकी, मार्वे रोड स्थित Rose Manor (पता: 301, Marve Rd, Malad, Mithchowki, Malad West, Mumbai – 400064) के निवासी पूछ रहे हैं।
यहाँ रोज़ देर रात तक भारी मशीनों, ड्रिलिंग और कटिंग का काम बिना रोक-टोक जारी रहता है। नागरिक रात भर 100 नंबर पर कॉल करके मदद की गुहार लगाते हैं, लेकिन बांगुर नगर पुलिस स्टेशन से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचता।
100 नंबर की अनदेखी पर खड़े होते 3 कड़े सवाल:
- क्या बिना शह के मुमकिन है ऐसा बेखौफ काम? जब नागरिक लगातार 100 नंबर घुमा रहे हैं और पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना जाने के बाद भी बांगुर नगर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती, तो जनता का यह शक गहरा जाता है कि क्या बिल्डर और अधिकारियों के बीच पहले से ही मौन सहमति या साठगांठ है?
- बहानेबाज़ी या जवाबदेही से भागना? कॉल करने के बाद जब नागरिक पूछताछ करते हैं, तो अक्सर रटे-रटाए जवाब मिलते हैं—“पता नहीं मिला” या “वहाँ टीम गई थी, काम बंद मिला”। यह रवैया सवाल उठाता है कि क्या 100 नंबर हेल्पलाइन का मज़ाक उड़ाया जा रहा है?
- क्या यह पूरी मुंबई का नया मॉडल बन चुका है? नागरिकों का आरोप है कि यह सिर्फ बांगुर नगर पुलिस का मामला नहीं है। मुंबई के कई इलाकों में यही ढर्रा चल रहा है—जहाँ बिल्डर को रात भर काम करना होता है, वहाँ पुलिस और प्रशासन की चुप्पी खरीदी या साधे रखी जाती है, और आम जनता 100 नंबर पर कॉल कर-कर के थक जाती है।
वरिष्ठ नागरिकों की रातें हराम, स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा शोर
इस अवैध निर्माण के कारण इलाके के बुजुर्गों, हृदय रोगियों और छोटे बच्चों का सोना और सांस लेना दूभर हो चुका है। दिनभर की थकान के बाद नागरिकों का शांति से सोने का बुनियादी अधिकार छीना जा रहा है।
“जब 100 नंबर जैसी सरकारी हेल्पलाइन भी काम न करे, तो नागरिक न्याय और मदद के लिए किसके पास जाएं?” — एक पीड़ित निवासी
गृह मंत्री और मुंबई पुलिस कमिश्नर से सीधे सवाल:
यह स्थिति पूरे मुंबई प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सीधा तमाचा है:
- गृह विभाग के राज में कानून व्यवस्था की यह हालत क्यों? क्या पुलिस जनता की सुरक्षा और शांति के लिए है या बिल्डरों की सहूलियत के लिए?
- 100 नंबर की कॉल हिस्ट्री की जाँच कब? क्या मुंबई पुलिस कमिश्नर (@CPMumbaiPolice) बांगुर नगर पुलिस स्टेशन की 100 नंबर पर आई शिकायतों और उस पर ली गई (या न ली गई) एक्शन रिपोर्ट की निष्पक्ष जाँच करवाएंगे?
- BMC की चुप्पी का क्या राज है? बीएमसी (@mybmc) के अधिकारी इस अवैध निर्माण पर एक्शन लेने से क्यों कतरा रहे हैं?
तुरंत काम रुकवाने और जाँच की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि Rose Manor पर जारी देर रात के अवैध निर्माण को तुरंत Stop-Work Notice जारी कर रुकवाया जाए और 100 नंबर की शिकायतों को अनदेखा करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय जाँच बैठाई जाए।













