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IPS आलोक प्रियदर्शी की पुलिस सेवा को विराम, 31 वर्षों से अधिक के गौरवपूर्ण सफर के बाद सेवानिवृत्त

PPS से IPS तक का सफर, उत्तर प्रदेश के कई जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। उत्तर प्रदेश पुलिस में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और लंबे प्रशासनिक अनुभव के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आलोक प्रियदर्शी ने 31 वर्षों से अधिक के गौरवपूर्ण पुलिस सेवाकाल के बाद 31 अगस्त 2026 को अधिवर्षता आयु पूर्ण कर पुलिस सेवा से विदाई ली। उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस में उनका लंबा और उल्लेखनीय सेवाकाल पूरा हुआ।

1995 में PPS से शुरू हुआ पुलिस सफर

आलोक प्रियदर्शी का जन्म 23 अगस्त 1966 को पटना, बिहार में हुआ था। वर्ष 1995 में प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) में चयन के साथ उनके पुलिस करियर की शुरुआत हुई। प्रशिक्षण के बाद वर्ष 1997 में उनकी पहली तैनाती महाराजगंज में क्षेत्राधिकारी (CO) के रूप में हुई।

इसके बाद उन्होंने मोदीनगर, हापुड़, नोएडा STF और मेरठ समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। अलग-अलग पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव हासिल किया।

2018 में IPS कैडर में पदोन्नति

लंबे अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर वर्ष 2018 में उन्हें IPS कैडर में पदोन्नति मिली। इसके बाद उन्होंने हरदोई, अंबेडकरनगर, बदायूं और फर्रुखाबाद जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

गाजियाबाद के बाद वाराणसी में संभाली जिम्मेदारी

बाद के वर्षों में उनका प्रशासनिक अनुभव बड़े पुलिस कमिश्नरेट में भी उपयोगी रहा। उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद के पद पर भी सेवाएं दीं।

फरवरी 2026 में उनका स्थानांतरण वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में हुआ, जहां उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त के पद पर जिम्मेदारी संभाली। सेवानिवृत्ति के समय वे अपर पुलिस आयुक्त (अपराध), वाराणसी के पद पर कार्यरत थे।

पुलिस सेवा में मिले कई सम्मान

तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल के दौरान आलोक प्रियदर्शी को उनके कार्यों के लिए विभिन्न पुलिस सम्मानों से भी नवाजा गया। उन्हें DGP द्वारा प्रशंसा चिन्ह सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम प्रदान किए गए। इसके अलावा उन्हें दीर्घ एवं सराहनीय सेवा का पुलिस पदक भी प्राप्त हुआ।

वर्दी से विदाई, यादों में रहेगा सेवाकाल

आलोक प्रियदर्शी का पुलिस करियर केवल अलग-अलग पदों पर तैनाती तक सीमित नहीं रहा। तीन दशक से अधिक के इस सफर में उन्होंने बदलती पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर काम किया।

31 वर्षों से अधिक की पुलिस सेवा के बाद 31 अगस्त 2026 को उन्होंने वर्दी को अलविदा कहा। हालांकि सरकारी सेवा से उनकी विदाई हो गई है, लेकिन लंबे सेवाकाल के दौरान निभाई गई जिम्मेदारियों और उनके अनुभव की छाप उत्तर प्रदेश पुलिस में लंबे समय तक याद की जाएगी।

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