बीएचयू पहुंचकर चिकित्सकों से ली उपचार की जानकारी, हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। प्रदेश सरकार के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) पहुंचकर पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. टी.के. लहरी का कुशलक्षेम जाना। डॉ. लहरी अस्वस्थ होने के कारण बीएचयू में उपचाराधीन हैं।
मंत्री रवींद्र जायसवाल बीएचयू की नई बिल्डिंग के पांचवें तल स्थित वार्ड में पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. लहरी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने उपचार कर रहे चिकित्सकों से डॉ. लहरी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और इलाज की प्रगति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
इलाज में किसी तरह की कमी न रहे
मंत्री ने बीएचयू प्रशासन और चिकित्सकों को निर्देश दिया कि डॉ. लहरी के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्हें आवश्यकतानुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ एवं पद्मश्री सम्मानित चिकित्सक के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बीएचयू प्रशासन से उपचार व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
कथित अप्रिय घटना की जानकारी भी ली
बताया गया कि बीएचयू में भर्ती डॉ. टी.के. लहरी के साथ हुई एक कथित अप्रिय घटना की जानकारी को भी मंत्री ने गंभीरता से लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर डॉ. लहरी से मुलाकात की और उनसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
मंत्री ने डॉ. लहरी को भरोसा दिलाया कि उनके उपचार और स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर हर संभव सहयोग किया जाएगा।
चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
डॉ. टी.के. लहरी को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। उनके अस्वस्थ होने की जानकारी के बाद चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों और उनके शुभचिंतकों में चिंता बनी हुई है।
मंत्री की डॉ. लहरी से मुलाकात के दौरान बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, डीसीपी, थाना प्रभारी लंका, पार्षद रोहित मिश्रा सहित क्षेत्रीय पार्षद एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री ने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि डॉ. लहरी के उपचार के दौरान आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे।











